अंगद के पांव बन चुके हैं कर्मचारी, सालों से नहीं हिले!
Visual evidence of long-standing corruption in Reethi’s government offices.
Reethi officials facing allegations of corruption and administrative monopoly for two decades.
The employees have become like Angad’s foot — unmoved for years!
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
रीठी के सरकारी दफ्तरों में बाबुओं का बोलबाला, 20 साल से टस से मस नहीं! शासन के आदेशों की अनदेखी, राजनीतिक संरक्षण में चल रही मनमानी, ग्रामीण बेहाल।
In Reethi, babus rule unchallenged—entrenched for 20 years! Ignoring government orders, they manipulate systems with political backing while villagers suffer.
MP संवाद, कटनी। रीठी के कुछ सरकारी विभागों में कर्मचारियों और बाबुओं ने 15-20 साल से अपनी पकड़ मजबूत कर रखी है। इनकी ‘ऊपर तक पहुंच’ का रौब इतना कि अधिकारी भी इनके इशारों पर नाचते हैं। नतीजा? यह ‘साहब’ खुद को विभाग का मालिक समझकर दौलत बटोरने में लगे हुए हैं।
शासन के आदेश की अवहेलना
26 जून 2024 को शासन का स्पष्ट आदेश था कि सभी कर्मचारी सुबह 10:00 बजे कार्यालय पहुंचें, लेकिन इन ‘विशिष्ट’ कर्मचारियों ने अपनी मर्जी से समय पर आने-जाने का रिवाज बना रखा है। यह साफ दर्शाता है कि इन्हें किसी कानून या अधिकारी का कोई भय नहीं।
स्वास्थ्य केंद्र पर कब्जा
रीठी के समुदाय स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की हालत और भी चौंकाने वाली है। यहां कुछ कर्मचारी दो दशकों से जमे हुए हैं और खुद को बीएमओ से कम नहीं समझते। राजनीतिक संरक्षण के बल पर ये मनमर्जी से भर्तियां करते हैं या कर्मचारियों को बाहर निकाल देते हैं—बिना किसी को खबर लगे!
मनमानी की हद
इनकी मनचाही चलती है तभी तो 20 साल बीत जाने के बाद भी इनका तबादला नहीं हो पाया। नतीजतन, ये शासन के फंड से मनचाहे बिल पास करवाकर दोनों हाथों से माल बटोर रहे हैं। ग्रामीणों और गरीबों को हफ्तों-महीनों तक भटकना पड़ता है, लेकिन इन्हें जरा भी दया नहीं आती।