रीठी में रेट का खेल! शराब दुकानों पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा.
Rate Game in Reethi! Villagers Erupt in Anger at Liquor Shops.
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
Villagers in Reethi protested against illegal liquor pricing, alleging sales above government rates and lack of price lists. They submitted a memorandum at the police station demanding action, while excise officers remain unresponsive. Rule violations continue despite previous complaints and inspection.
MP संवाद, कटनी। शराब ठेकेदारों द्वारा शासन के नियमों की धज्जियाँ उड़ाने को लेकर 20 जुलाई को रीठी में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। कई शिकायतों के बावजूद देशी और अंग्रेजी शराब दुकानों में सरकारी दर से अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही थी। इस लापरवाही के खिलाफ ग्रामीणों ने रीठी बस स्टैंड स्थित दोनों शराब दुकानों के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए रीठी थाने पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों के आरोप:
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रीठी की शराब दुकानों पर सरकारी निर्धारित दरों से अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही है, और दुकानों पर रेट लिस्ट भी प्रदर्शित नहीं की गई है, जिससे ग्राहकों को वास्तविक मूल्य की जानकारी नहीं मिलती।
शासन नियमों का उल्लंघन:
शासन के नियमानुसार—
- हर दुकान पर रेट लिस्ट प्रदर्शित करना और बिल देना अनिवार्य है।
- शराब बिक्री का समय निर्धारित है।
- 21 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को शराब बेचना या खरीदना गैरकानूनी है।
- शराब दुकानें स्कूल, धार्मिक स्थल और अस्पताल से निर्धारित दूरी पर होनी चाहिए।
- दुकानदारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी दुकान से सार्वजनिक शांति भंग न हो।
शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं:
ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बाद आबकारी विभाग के अधिकारी जांच के लिए पहुंचे, लेकिन स्थानीय साठगांठ के चलते कार्रवाई नहीं हुई और समस्या जस की तस बनी रही।
दुकानदारों की सफाई:
शराब दुकानों के कर्मचारियों का कहना है कि वे सिर्फ आदेशों का पालन कर रहे हैं और दरें जो तय की जाती हैं, वे उनका पालन करते हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया:
इस मामले में जब विभागीय अधिकारी केशव उइके से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
जिला आबकारी अधिकारी विभा मरकाम का कहना है—
“रीठी शराब दुकान में विवाद की स्थिति बनी थी, मामले की जानकारी के बाद ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई कर जुर्माना लगाया गया है।”