हम नहीं, तो इलाज नहीं!” – संविदा कर्मियों की हड़ताल ने अस्पताल को ठप किया.
Strike halts Reethi Hospital services – patients suffer in chaotic scenes.
CHAOS UNFOLDS: Reethi Hospital’s strike leaves patients stranded amid scorching heat.
No Us, No Treatment!” – Contract Workers’ Strike Brings Hospital to a Halt.
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
रीठी सरकारी अस्पताल में संविदा कर्मियों की हड़ताल से हाहाकार! BMO अकेले, मरीज बेहाल। गर्मी में ठप स्वास्थ्य सेवाएँ। प्रशासन कब करेगा कार्यवाही?
Contract health workers’ strike cripples Reethi Govt Hospital! Patients suffer as lone BMO struggles. Services collapse amid heatwave. Will admin act?
MP संवाद, कटनी – रीठी सरकारी अस्पताल में संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल ने पहले ही दिन से स्वास्थ्य सेवाओं को धराशायी कर दिया है। अस्पताल में मरीजों की परेशानियां बढ़ गई हैं, जबकि प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही।
अस्पताल में अफरातफरी, केवल BMO संभाल रहे जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार, हड़ताल के चलते अस्पताल का पूरा तंत्र चरमरा गया है। आम दिनों की तुलना में आज माहौल बेहद तनावपूर्ण रहा। मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा, जबकि खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) अकेले ही सभी जिम्मेदारियां संभालते नजर आए।
“गर्मी में मरीजों की दोहरी मार”
भीषण गर्मी के बीच अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह ढह गई है। पंखे-कूलर भी बेअसर नजर आए, जबकि स्टाफ की अनुपस्थिति में BMO डॉ. मेघेंद्र श्रीवास्तव खुद मरीजों को देखने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया, “हम पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन स्टाफ की कमी से सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।”
क्या प्रशासन सुधारेगा हालात?
स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप पड़ी हैं, और अगर जल्द कोई समाधान नहीं निकाला गया, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। सरकारी अस्पतालों में पहले से ही सुविधाएं सीमित हैं, ऐसे में हड़ताल ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब सवाल यह है कि प्रशासन कब तक इस संकट को अनदेखा करेगा?