मिड-डे मील में भ्रष्टाचार का स्वाद! बच्चों की थाली में लूट की कहानी.
The Taste of Corruption in Mid-Day Meal! A Tale of Loot Served on Children’s Plates.
Special Correspondent, Ratlam, MP Samwad.
A viral video from Ratlam’s Lalguwadi village exposes a shocking lapse in the Mid-Day Meal scheme. Instead of the scheduled kheer and poori, children were served only sev and murmura. The incident triggered administrative action and raised serious questions about monitoring in tribal schools.
MP संवाद, रतलाम ज़िले के लालगुवाड़ी गांव के सरकारी प्राथमिक स्कूल में मिड-डे मील योजना के तहत भारी लापरवाही सामने आई है। निर्धारित मीनू के अनुसार 24 जून को बच्चों को खीर और पूड़ी परोसे जाने थे, लेकिन वास्तविकता में उन्हें केवल सेव और परमल (मुरमुरा) परोसा गया।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि बच्चों की थालियों में सिर्फ सेव और परमल दिए गए हैं, जबकि तय मीनू में खीर-पूड़ी थी।
प्रशासन सख्त, नोटिस जारी
मामले की जानकारी मिलते ही जिला पंचायत सीईओ ने संज्ञान लेते हुए स्कूल प्राचार्य समेत पांच लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार स्वयं सहायता समूह को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया गया है।
मॉनिटरिंग सिस्टम पर सवाल
यह घटना मिड-डे मील योजना की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। रतलाम ज़िले के सैकड़ों आदिवासी बहुल स्कूलों में बच्चों को अक्सर घटिया या अधूरा भोजन परोसे जाने की शिकायतें मिलती हैं। मगर समय पर कार्रवाई नहीं होती और निगरानी भी न के बराबर है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी और रिपोर्टिंग की कमी के कारण ये मामले दबा दिए जाते हैं।
फिलहाल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और दोषियों पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं। लेकिन सवाल यह है कि जिन योजनाओं का मकसद बच्चों को पोषण देना है, वे लापरवाही और भ्रष्टाचार की भेंट क्यों चढ़ रही हैं?