CM RISE में गिरते पानी की बूंदें, गिरी हुई सरकारी प्राथमिकताएं!
Dripping Water in CM RISE, Drenched Government Priorities!
Special Correspondent, Raisen, MP Samwad.
In Silvani, Raisen, the CM RISE school showcases smart education only on paper. The reality is leaking roofs, unfinished buildings, and students studying in unsafe conditions. With 1800 children attending classes in such an environment, the system clearly reflects the government’s misplaced priorities.
MP संवाद, रायसेन जिले में चल रही सीएम राइज योजना कागज़ों में भले ही चमकदार हो, लेकिन ज़मीनी सच्चाई कुछ और ही बयां करती है। यहां के सिलवानी स्थित सीएम राइज स्कूल की हालत किसी झोपड़ी से भी बदतर है। छत से टपकता पानी, फर्श पर बिछी गीली कॉपियां और ग्रीन नेट में चलती कक्षाएं — यह 21वीं सदी का स्मार्ट स्कूल नहीं, बल्कि 19वीं सदी की सरकारी उदासी लगती है।
?️ अधूरे भवन में भविष्य की पढ़ाई
हेलीपैड ग्राउंड में एक निजी एजेंसी को नए स्कूल भवन का निर्माण सौंपा गया था। लेकिन दो शैक्षणिक सत्र बीत जाने के बाद भी काम अधूरा है। छात्रों को उम्मीद है कि शायद कभी तो उनका स्कूल तैयार होगा और वे एक बेहतर माहौल में पढ़ पाएंगे।
?? छात्रों की स्थिति
- एलकेजी से 5वीं तक: 125 छात्र
- मिडिल स्कूल: 350 छात्र
- हायर क्लासेस: 1250 छात्र
- कुल छात्र: 1800
- भवन: अधूरा और असुरक्षित
? रायसेन की शिक्षा व्यवस्था – आंकड़ों में छल
- कुल सरकारी स्कूल: 2074
- हाई/हायर सेकंडरी स्कूल: 185
- निर्माणाधीन CM RISE स्कूल: 8
- स्वीकृत CM RISE स्कूल: 6
- 450+ जर्जर भवन, फिर भी सुधार नदारद
? प्रवेश में भेदभाव, प्राचार्य की मनमानी
स्कूल में प्रवेश के नाम पर मनमानी हो रही है। गरीब बच्चों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है, जबकि नेताओं और प्रभावशाली लोगों के सिफारिशी छात्र आसानी से एडमिट हो जाते हैं। प्राचार्य पर भी मनमानी और भेदभाव के आरोप लग रहे हैं।
? जिम्मेदार क्या बोले?
पीसी शाक्य (एसडीएम, सिलवानी):
“स्कूल में क्षमता से अधिक एडमिशन हो चुके हैं, भवन अधूरा है, इसलिए समस्याएं आ रही हैं।”
एनपी शिल्पी (प्राचार्य, CM RISE स्कूल):
“जगह की बहुत कमी है। भवन पूरा नहीं हुआ। हम लगातार उच्च अधिकारियों को जानकारी भेज रहे हैं।”