राहुल की कांग्रेस को चेतावनी: अब गुटबाजी नहीं, जमीनी नेता ही तय करेंगे टिकट!
Rahul’s Warning to Congress: No More Factionalism, Only Grassroots Leaders Will Decide Tickets!
Rahul Gandhi, during his Bhopal visit, lashed out at senior Congress leaders for internal factionalism and declared that now only grassroots leaders will get decision-making power. He emphasized that future ticket distribution will be in the hands of district presidents. “No more lame horses, only race-ready ones,” he quipped.
MP संवाद, भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित कांग्रेस के टाउन हॉल कार्यक्रम में राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश कांग्रेस की गुटबाजी और वर्चस्व की लड़ाई पर जमकर हमला बोला। उन्होंने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को सख्त लहजे में नसीहत दी और कार्यकर्ताओं को खूब पुचकारा।
▶️ सीनियर नेताओं को मंच से फटकार
राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में एमपी कांग्रेस की सीनियर लीडरशिप को खरी-खरी सुनाई। मंच पर बैठे नेता चुपचाप सुनते रहे और नीचे मौजूद कार्यकर्ता तालियों से स्वागत करते रहे। टाउन हॉल में प्रदेशभर से आए जिला और ब्लॉक कांग्रेस पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए राहुल का अंदाज़ पूरी तरह आक्रामक था।
▶️ “आपके हाथ बंधे हैं, क्योंकि आपकी आवाज़ नहीं सुनी जाती”
राहुल गांधी ने कहा, “मध्यप्रदेश कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की कोई कमी नहीं है। इसी कमरे में बीजेपी को हराने का टैलेंट बैठा है, मगर आपके हाथ बंधे हैं। क्योंकि आपकी आवाज़ संगठन में सुनी नहीं जाती है।”
▶️ “कुछ नेता कांग्रेस में रहकर बीजेपी का काम कर रहे हैं”
राहुल गांधी ने सख्त शब्दों में कहा, “यह हमारी सेना है, जो लड़ने-मरने के लिए तैयार है, लेकिन बीच में कुछ लोग उल्टे-सीधे बयान देते रहते हैं। कुछ लोग बीजेपी का भी काम कर लेते हैं।”
▶️ “अब रेस का घोड़ा रेस में और लंगड़ा घोड़ा रिटायर होगा”
राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं को घोड़े की उपमा देते हुए कहा, “पार्टी में कुछ लोग रेस के घोड़े हैं, कुछ बारात के और कुछ लंगड़े घोड़े। हमें तय करना होगा कि कौन किस कैटेगरी में है। रेस के घोड़े को रेस में और लंगड़े घोड़े को रिटायर करना होगा।”
▶️ “अब जिला अध्यक्षों को मिलेगा 440 वोल्ट का पावर”
राहुल ने कहा कि अब कांग्रेस पार्टी में जिले के अध्यक्ष ही असली फैसले लेंगे। “जो जिला अध्यक्ष होगा, वही टिकट से लेकर सभी स्थानीय उम्मीदवार तय करेगा। हम उसे 440 वोल्ट का करंट देंगे। मध्यप्रदेश में अब सिर्फ 55 नेता चाहिए, जिन्हें ऑब्जर्वर तय करेंगे।”