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प्राइवेट स्कूलों में एनसीईआरटी या स्टेट बोर्ड की किताबें निर्धारित हो, कलेक्टर के आदेश जारी.

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Collector enforces NCERT & State Board books in private schools, ensuring affordability and a standardized curriculum for students.

NCERT and State Board books, ensuring standardized education for students.

NCERT and State Board books are now mandatory in private schools as per the collector's latest order.

NCERT or State Board Books Made Mandatory in Private Schools, Orders Issued by Collector.

Special Correspondent, Damoh, MP Samwad.

दमोह में निजी विद्यालयों में फीस निर्धारण, पाठ्यपुस्तकों, कॉपियों और यूनिफॉर्म से संबंधित मामलों में कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में प्रशासन ने सेंट नॉर्बर्ट्स स्कूल, गुरु नानक स्कूल, साइनिंग स्टार स्कूल और टी.ए.एस. स्कूल (नरसिंहगढ़ रोड, दमोह) के लिए आदेश जारी किए हैं।

एनसीईआरटी की किताबें होंगी अनिवार्य

कलेक्टर ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 1 से 12वीं तक केवल एनसीईआरटी (NCERT) की किताबें अनिवार्य रूप से लागू की जाएंगी। निजी प्रकाशकों की किताबों को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। गुरु नानक स्कूल में पंजाबी भाषा की किताबें पंजाब सरकार के बोर्ड से ली गई हैं।

प्रशासन द्वारा जारी आदेश में किताबों की सूची और उनकी कीमत भी स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई है, जिससे अभिभावकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

अभिभावकों से अपील: तय सूची के अलावा कोई किताब न खरीदें

कलेक्टर कोचर ने अभिभावकों से अपील की कि वे केवल निर्धारित एनसीईआरटी या स्टेट बोर्ड की किताबें ही खरीदें। स्कूल अब किसी अन्य किताब के लिए दबाव नहीं डाल सकते। यदि कोई विद्यालय या व्यक्ति अन्य किताबें खरीदने के लिए बाध्य करता है, तो इसकी शिकायत दमोह हेल्पलाइन नंबर 07812-350300 पर दर्ज कराई जा सकती है।

ऑनलाइन और पुस्तक मेले में उपलब्ध होंगी किताबें

उन्होंने बताया कि एनसीईआरटी की सभी किताबें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और एनसीईआरटी के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध हैं। 20 से 25 मार्च तक एक पुस्तक मेला भी आयोजित किया जाएगा, जहां किताबें निर्धारित एमआरपी पर उपलब्ध होंगी।

अन्य स्कूलों के लिए भी आदेश जल्द

प्रशासन द्वारा अन्य निजी स्कूलों के लिए भी इसी तरह के आदेश जारी किए जाएंगे। अभिभावकों को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अपडेट रहने की सलाह दी गई है ताकि वे अपने बच्चों के स्कूल के अनुसार किताबें खरीद सकें।

स्कूलों का सराहनीय कदम

कलेक्टर ने सेंट नॉर्बर्ट्स, गुरु नानक, साइनिंग स्टार और टी.ए.एस. स्कूलों को धन्यवाद देते हुए कहा कि पहले ये स्कूल कक्षा 9 से 12वीं तक एनसीईआरटी की किताबें अपनाते थे, लेकिन अब कक्षा 1 से 12वीं तक इसे लागू किया गया है। यह एक सकारात्मक बदलाव है और अन्य स्कूलों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।

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