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पानी पर आफत! नयापुरा के लोगों ने खंभों और छतों से बिछाई अपनी पाइपलाइनें.

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Nayapura villagers battle water scarcity, laying makeshift pipelines using rooftops and poles. Government remains silent despite multiple complaints. Crisis expected to worsen in summer.

Villagers of Nayapura using poles and rooftops to lay their own water pipelines due to severe water shortage.

Nayapura villagers lay DIY pipelines using rooftops and poles as water crisis deepens.

Water Crisis! Nayapura Residents Lay Their Own Pipelines Using Poles and Rooftops.

Special Correspondent, Bhopal, MP Samwad.

Nayapura villagers struggle for water as government pipelines remain inactive. Residents lay their own pipelines using poles and rooftops, spending thousands. Officials remain unresponsive despite multiple complaints. The crisis may worsen in peak summer. Will the administration act before it’s too late?

भोपाल से सटे, सीहोर जिले के इछावर जनपद के ग्राम नयापुरा में पानी की किल्लत विकराल रूप ले चुकी है। गांव में करीब दर्जनभर सरकारी हैंडपंप लगे हैं, लेकिन सभी बंद पड़े हैं। वहीं, नल-जल योजना का काम अधूरा पड़ा है। बीते एक साल से सड़कों को खोदकर पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन पानी की टंकी का निर्माण अब तक नहीं हुआ, जिससे जल आपूर्ति ठप पड़ी है।

ग्रामीणों की मजबूरी: खेतों से खंभों तक झूलती पाइपलाइनें

गांव के लोग अपने-अपने खेतों से निजी पाइपलाइनें बिछाकर किसी तरह पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। कोई बिजली के खंभों का सहारा ले रहा है, तो कोई घरों की छतों से पाइपलाइनें जोड़कर जल संकट से जूझ रहा है। ग्रामीणों ने अपने खर्चे पर 10 हजार से 50 हजार रुपये तक की लागत में पानी की लाइनें डाली हैं।

जिनके पास खेत नहीं, वे पानी के लिए मोहताज

गांव में लगभग 450 मकानों में 2000 लोग रहते हैं। अधिकतर लोगों ने खेतों से पानी लाने की व्यवस्था कर ली है, लेकिन जिनके पास जमीन नहीं, वे दूसरों पर निर्भर हैं। कई बार पानी को लेकर विवाद भी खड़े हो जाते हैं।

सरपंच ने जताई नाराजगी, अधिकारी ने दिया गोलमोल जवाब

ग्राम पंचायत नयापुरा के सरपंच रूप सिंह पटेल ने कहा कि पीएचई विभाग, जनपद और कलेक्टर को कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एसडीओ एनएल अहिरवार ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि “मैं अभी बाहर हूं, आकर देखता हूं कि गांव की स्थिति क्या है।” हालांकि, उन्होंने दावा किया कि गांव में पाइपलाइन बिछ चुकी है।

आने वाले महीनों में बढ़ेगी परेशानी

फिलहाल ग्रामीण जैसे-तैसे पानी का इंतजाम कर रहे हैं, लेकिन गर्मी बढ़ते ही हालात और भी भयावह हो सकते हैं। अगर प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो मई-जून के महीने में ग्रामीणों के लिए पानी की भारी किल्लत खड़ी हो सकती है।

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