एंबुलेंस हारी, इंसानियत जीती! घुटनों तक पानी में पैदल पहुंची प्रसूता.
Ambulance Failed, Humanity Prevailed! Pregnant Woman Walked Through Knee-Deep Water to Reach Help.
Special Correspondent, Narsinghpur, MP Samwad.
In Narsinghpur, a pregnant woman had to walk through knee-deep water to reach the ambulance, as the driver refused to cross a small stream. Villagers helped her across the bridge. The incident raises serious questions about rural healthcare and accountability.
MP संवाद, नरसिंहपुर। जिले के कुम्हड़ी गांव से एक झकझोर देने वाला वीडियो सामने आया है, जो ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की सच्चाई बयां करता है। वीडियो में देखा गया कि प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला के लिए एंबुलेंस तो पहुंची, लेकिन पुलिया पर बहते मामूली पानी को देखकर चालक ने गाड़ी रोक दी।
पैदल पार कराया पुल, जान जोखिम में डाल अस्पताल पहुंची महिला
महज घुटनों तक पानी होने के बावजूद एंबुलेंस चालक ने पुलिया पार करने से मना कर दिया। ऐसे में गांव के बुजुर्ग उपसरपंच और एक स्थानीय महिला ने मिलकर प्रसूता को पैदल पुल पार कराया। इस जोखिम भरे सफर के बाद महिला को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज जारी है।
सवाल उठता है – जब इंसान पार कर सकता है, तो एंबुलेंस क्यों नहीं?
पुलिया पर बहाव मामूली था और पैदल जाना संभव था, तो फिर एंबुलेंस चालक ने मानवता क्यों नहीं दिखाई? क्या यह प्रशिक्षण की कमी है या जिम्मेदारी से बचने का प्रयास?