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सच्चाई छिपाई, सेवा गंवाई: शिक्षिका बर्खास्त, नियम बना संकट.

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A symbolic image of MP’s enforcement of population control rules—teacher dismissal over the third child causes employee unrest.

Madhya Pradesh teacher dismissed for violating two-child policy law by hiding third child’s birth

Teacher Fired in MP for Violating Two-Child Rule; Panic Among Government Employees

Truth Hidden, Job Lost: Teacher Dismissed Over Policy Violation.

Special Correspondent, Chhatarpur, MP Samwad.

In Madhya Pradesh’s Chhatarpur district, a female government teacher was dismissed for hiding the birth of her third child. The action, under MP’s two-child policy for government staff, sparked fear among other employees with more than two children. The enforcement of this rule sends a strong message statewide.

MP छतरपुर जिले में एक महिला शिक्षक को तीसरी संतान जन्म देना महंगा पड़ गया। इस कारण उसकी सरकारी नौकरी पर संकट आ गया है। जांच के बाद संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण सागर संभाग ने शिक्षिका की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया। इस घटना से प्रदेश के तीन या उससे अधिक संतान वाले महिला एवं पुरुष सरकारी कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है और उन्हें अपनी नौकरी खोने का डर सताने लगा है।


? क्या है पूरा मामला?

जिले के ग्राम धमौरा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक रंजीता साहू को तीसरे बच्चे के जन्म की जानकारी विभाग से छुपाने के आरोप में बर्खास्त किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच कराई थी और उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई।


⚖️ क्या कहता है नियम?

रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षिका रंजीता साहू को 26 जनवरी 2001 के बाद तीसरी संतान हुई थी। यह मध्य प्रदेश पंचायत संविदा शाला (नियोजन एवं संविदा की शर्तें) नियम 2005 की अनुसूची दो (ख)(9) का उल्लंघन है। इसी आधार पर महिला शिक्षिका को सेवा से पृथक किया गया।

? शिक्षिका ने छिपाई जानकारी, लेती रही योजनाओं का लाभ

शिकायत के बाद विभाग द्वारा गठित जांच समिति ने पाया कि शिक्षिका ने तीसरे संतान की जानकारी विभाग से छिपाई थी और शासकीय योजनाओं का लाभ लेती रही।


? कार्रवाई की प्रक्रिया

6 फरवरी 2025 को विभाग ने रंजीता साहू को कारण बताओ नोटिस भेजा था। लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने के कारण संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण सागर संभाग द्वारा उनकी सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया गया।

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