MP का आदर्श गाँव: करोड़ों के अस्पताल में न डॉक्टर, न नर्स – सिर्फ खोखले दावे!
A picture speaks louder than claims! See MP’s ‘model village’ hospital where equipment rusts but tribal women walk 20km for delivery.
GROUND REALITY: This 'fully-equipped' hospital in MP's model village Chanda has gathered dust for months while pregnant tribal women walk 20km for basic care"
MP’s Model Village: Crore-Rupee Hospital Has No Doctors, No Nurses – Just Hollow Claims!
Special Correspondent, Dindori, MP Samwad.
झूठे दावों की शर्मनाक हकीकत! पीएम जनमन के ‘आदर्श गाँव’ चांडा में करोड़ों के अस्पताल में न डॉक्टर, न नर्स। बैगा आदिवासी प्रसूताओं को प्रसव के लिए 20 किमी पैदल चलना पड़ता है। आधुनिक मशीनें बेकार, प्रशासन बेखबर!
SHAMEFUL REALITY! MP’s ‘model village’ Chanda has a crorepati hospital with ZERO doctors/nurses. Pregnant tribal women walk 20km for delivery despite PM Janman scheme. Modern equipment gathers dust while Baiga tribe suffers. Gross negligence in tribal healthcare exposed!
MP संवाद, डिंडौरी जिले के बैगा आदिवासी बहुल गाँव चांडा की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए हर बार जान जोखिम में डालनी पड़ती है। पीएम जनमन योजना के तहत ‘आदर्श गाँव’ घोषित इस वनग्राम का सर्वसुविधा युक्त अस्पताल महज एक खोखला दावा साबित हो रहा है, जहाँ न तो डॉक्टर हैं और न ही नर्सिंग स्टाफ।
प्रमुख तथ्य:
- करोड़ों रुपये से बने अस्पताल में सिर्फ लैब टेक्नीशियन और सफाईकर्मी तैनात
- गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए 20 किमी दूर बजाग सीएचसी या जिला अस्पताल जाना पड़ता है
- गंगवती सहित कई आदिवासी महिलाओं को रूटीन चेकअप के लिए भी लंबा सफर तय करना पड़ता है
- गाँव वालों की कई शिकायतों के बावजूद प्रशासन नहीं कर रहा कोई कार्रवाई
ग्राउंड रिपोर्ट:
जिला मुख्यालय से 70 किमी दूर घने जंगलों में बसे चांडा गाँव को नीति आयोग की सिफारिश पर आदर्श गाँव चुना गया था। लेकिन यहाँ की हकीकत सरकारी दावों से बिल्कुल उलट है। अस्पताल में मौजूद आधुनिक मशीनें बेकार पड़ी हैं, जबकि बैगा समुदाय की महिलाओं को जान जोखिम में डालकर प्रसव कराना पड़ता है।
स्थानीय आवाज:
गर्भवती गंगवती बताती हैं, “हर चेकअप के लिए 20 किमी पैदल चलना पड़ता है। अब प्रसव की चिंता सता रही है। अस्पताल में डॉक्टर क्यों नहीं हैं?”