MP कैबिनेट का डबल डोज: सुगम परिवहन सेवा के साथ कर्मचारियों के भत्तों में छलांग!
Madhya Pradesh launches tech-monitored buses via PPP model, merges transport firms, and hikes employee allowances. Full report: www.mpsamwad.com
MP Cabinet approves tech-driven transport reforms & employee allowance hikes! ?? Explore details: www.mpsamwad.com
MP Cabinet’s Double Dose: Leap in Employee Allowances Along with Sugam Transport Service!
Source ANI
MP Cabinet Greenlights Dual Reforms: Mukhyamantri Sugam Transport Service launches via PPP model with ₹101 crore funding for tech-monitored buses. Employee allowances surge: 10% HRA for A-cities, ₹1.25L death relief, costing ₹1,500 crore/year. Mergers of 7 regional transport firms approved.
MP भोपाल, 1 अप्रैल: मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दो प्रमुख घोषणाएं हुईं—शहरी-ग्रामीण परिवहन व्यवस्था में क्रांति और सरकारी कर्मचारियों के भत्तों में बढ़ोतरी। यह निर्णय प्रदेश के यातायात ढांचे को मजबूत करने और कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा
योजना की मुख्य विशेषताएं:
- लक्ष्य: शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित, सुगम और संगठित बस सेवाएं।
- संचालन मॉडल: पीपीपी (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) के तहत निजी संचालकों की भागीदारी।
- टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन:
- आईटी-आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम।
- सेवा स्तर समझौते (SLA) और प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (KPI) का अनुपालन।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया।
- वित्तीय प्रावधान:
- ₹101.20 करोड़ की प्रारंभिक पूंजी स्वीकृत।
- 7 क्षेत्रीय कंपनियों के गठन के लिए SPV (विशेष उद्देश्य वाहन) कंपनियों का विलय।
- अवसंरचना विकास:
- बस टर्मिनल और स्टॉप्स का उन्नयन।
- रीवा और ग्वालियर की परिवहन कंपनियों को नए ढांचे में समाहित करना।
सरकारी कर्मचारियों के भत्तों में संशोधन
प्रमुख बदलाव:
- गृह किराया भत्ता (HRA):
- A-श्रेणी शहर: 10% → B-श्रेणी: 7% → C/D-श्रेणी: 5%
(7वें वेतन आयोग के आधार पर)
- A-श्रेणी शहर: 10% → B-श्रेणी: 7% → C/D-श्रेणी: 5%
- अन्य भत्तों में वृद्धि:
- दैनिक भत्ता, वाहन भत्ता, भोजन भत्ता।
- अतिरिक्त कार्य हेतु दोगुना भत्ता।
- डॉक्टरों के लिए नॉन-प्रैक्टिस भत्ता।
- विशेष प्रावधान:
- मृत्यु अनुग्रह राशि ₹1.25 लाख तक बढ़ाई गई।
- मंत्रालय कर्मचारियों को सचिवालय भत्ता।
- वित्तीय प्रभाव: राज्य सरकार पर ₹1,500 करोड़/वर्ष का अतिरिक्त भार।