कानून के रखवाले ही बने लुटेरे! मुरैना RTO चेक पोस्ट पर भ्रष्टाचार का नंगा खेल.
The guardians of the law turn robbers themselves! A brazen display of corruption at the Morena RTO check post.

Special Correspondent, Ashish Singh Tomar, Morena MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, मुरैना। नेशनल हाईवे पर स्थित मध्य प्रदेश परिवहन विभाग की छवि एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
मुरैना RTO चेक पोस्ट इन दिनों नियमों के पालन के लिए नहीं, बल्कि खुलेआम अवैध वसूली के लिए बदनाम होती जा रही है।
ताज़ा मामला 23 फरवरी की दरम्यानी रात का है। ग्वालियर मेला देखकर लौट रहे एक कार चालक को, जो अपने परिवार के साथ धौलपुर जा रहा था, मुरैना RTO चेक पोस्ट पर रोका गया।
रात के सन्नाटे में खाकी का डर और सरकारी रसूख दिखाकर आम नागरिक की जेब पर सीधा हाथ डाल दिया गया।
25 हजार का ‘डर’, 1000 की ‘डील’
रात करीब 2:15 से 2:45 बजे के बीच कार को रोककर कागज़ों की जांच के नाम पर चालक को धमकाया गया।
कर्मचारियों ने साफ कहा— “तुम्हारे कागज़ पूरे नहीं हैं, 25 हजार रुपये का चालान कटेगा।”
जुर्माने का भय दिखाकर मानसिक दबाव बनाया गया। जब चालक घबरा गया, तो मामला अचानक ‘सेटिंग’ पर उतर आया।आख़िरकार 1000 रुपये नकद लेकर उसे छोड़ दिया गया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि—
क्या मुरैना RTO चेक पोस्ट पर चालान की रसीद कटती है या सीधे जेब भरी जाती है?
किसके ‘आशीर्वाद’ से चल रही है हाईवे पर उगाही?
इस एक घटना ने पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—
- क्या विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इस खुले खेल की जानकारी नहीं है?
- या फिर यह वसूली ऊपर से नीचे तक फैली मिलीभगत का हिस्सा है?
- क्या बिना किसी राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण के कर्मचारी इतनी निडरता से अवैध वसूली कर सकते हैं?
अगर यह केवल एक कर्मचारी की हरकत होती, तो इतनी बेखौफ डील संभव नहीं थी।
साहब खामोश, मैडम का फोन भी ‘नॉट रीचेबल’
मामले में जब मुरैना RTO अधिकारी अर्चना परिहार से उनका पक्ष जानने के लिए बार-बार संपर्क किया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव करना भी जरूरी नहीं समझा। एक जिम्मेदार अधिकारी की यह चुप्पी सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान है।
हाईवे पर कानून या ‘वसूली चौकी’?
नेशनल हाईवे पर बनी यह चेक पोस्ट अब कानून का पालन कराने का केंद्र नहीं, बल्कि आम नागरिकों से डर दिखाकर पैसा वसूलने की स्थायी चौकी बनती जा रही है।
अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो मुरैना RTO चेक पोस्ट भ्रष्टाचार का नया मॉडल बनकर पूरे संभाग में मिसाल बन जाएगी।