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लाड़ली बहनों के लिए सिस्टम बना सिरदर्द, पोर्टल से नाम गायब!

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Ladli Behna Yojana names deleted from the portal in Betul, leaving 150+ women without financial aid and struggling for justice.

Ladli Behna Yojana beneficiaries in Betul struggle as names disappear from the portal, losing financial aid and facing hardships.

Beneficiaries of Ladli Behna Yojana in Betul suffer as administrative errors remove their names from the portal.

System Becomes a Headache for Ladli Behnas, Names Disappear from Portal!

Special Correspondent, Betul, MP Samwad.

Ladli Behna Yojana beneficiaries in Betul face hardship as their names vanish from the portal. Women are denied financial aid due to administrative lapses, with some even marked deceased. Despite complaints to the CM Helpline, no resolution has come. Authorities remain silent, leaving over 150 women struggling without support.

बैतूल में प्रशासनिक लापरवाही के कारण कई महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का लाभ मिलना बंद हो गया है। पीड़ित महिलाओं की शिकायत है कि पोर्टल से उनके नाम डिलीट कर दिए गए हैं, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई समाधान नहीं मिल रहा। वहीं, जिले के उच्च अधिकारी और संबंधित विभाग मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।

गरीब महिलाएं भुगत रही हैं प्रशासन की गलती का खामियाजा

बैतूल बाजार की रहने वाली कविता माली को अगस्त 2024 से योजना की राशि मिलनी बंद हो गई। जब उन्होंने इसकी जानकारी निकाली, तो उनके होश उड़ गए—पोर्टल पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था।

शिवाजी वार्ड निवासी सिंधु बाई के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। नवंबर 2024 तक उन्हें योजना की राशि मिली, लेकिन दिसंबर से किश्त आनी बंद हो गई। जब वे नगर पालिका कार्यालय पहुंचीं, तो पता चला कि उनकी समग्र आईडी ही डिलीट कर दी गई है।

डेढ़ सैकड़ा से अधिक महिलाएं प्रभावित

यह केवल दो उदाहरण हैं। जिले में ऐसे 150 से अधिक मामले सामने आए हैं, जहां महिलाओं को सरकारी योजना से वंचित होना पड़ा है। जब इस बारे में विभाग से सवाल किया गया, तो कोई ठोस जवाब नहीं मिला।

कुछ दिनों पहले विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया था कि समग्र पोर्टल से लाड़ली बहनों के नाम जानबूझकर डिलीट किए जा रहे हैं। शिकायतें ग्राम पंचायतों, ब्लॉक स्तर, स्थानीय निकायों और कलेक्टर कार्यालयों तक पहुंच रही हैं।

बैतूल कलेक्टर ने भी जताई चिंता

बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने भी इस संबंध में पत्र लिखा था। उन्होंने बताया कि समग्र पोर्टल से लाड़ली बहना योजना की 169 महिलाओं के नाम डिलीट कर दिए गए हैं। कलेक्टर ने पत्र में यह भी लिखा कि समग्र आईडी में आ रही समस्याओं का तत्काल निराकरण कराया जाए, ताकि प्रभावित महिलाओं को आर्थिक सहायता राशि फिर से मिल सके।

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