रूद्राक्ष के बदले रुदन! कुबेरेश्वर में भगदड़, श्रद्धा में बदइंतजामी ने ली 7 जानें.
Rudraksha Turns into Grief! Stampede at Kubreshwar, Mismanagement of Faith Claims 7 Lives.
Special Correspondent, Bhopal, MP Samwad.
A tragic stampede during Rudraksha distribution at Kubreshwar Dham has claimed 7 lives, exposing severe mismanagement. Overcrowding, lack of facilities, and DJ noise violations marred the Kanwar Yatra. NHRC has sought a report from officials, as public outrage grows against the organizers and administration.
MP संवाद, सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में सप्ताह की शुरुआत में मची भगदड़ में अब तक 7 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इस मामले पर मीडिया रिपोर्टों के आधार पर मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है और कलेक्टर से जांच रिपोर्ट तलब की है।
कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की अगुवाई में 6 अगस्त को सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक 11 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा निकाली गई थी, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु प्रदेश सहित अन्य राज्यों से शामिल हुए। लेकिन आयोजन स्थल पर प्रबंधन की भारी चूक, अव्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की कमी के कारण मौतों का सिलसिला जारी है।
गुरुवार को एक युवक (उप्र) और एक व्यक्ति (दिल्ली) की हार्ट अटैक से मौत, बुधवार को तीन श्रद्धालुओं और मंगलवार को भगदड़ में दो महिलाओं की मौत हुई।
इसके अतिरिक्त तेज आवाज में डीजे बजाने और साउंड सिस्टम से यातायात बाधित करने वाले 8 डीजे ऑपरेटर्स पर कोतवाली पुलिस द्वारा केस दर्ज किया गया है।
मृतकों में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, गुजरात, और हरियाणा के श्रद्धालु शामिल हैं। इन मौतों ने प्रशासन की लापरवाही और आयोजकों की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और मंत्री गोविंद सिंह राजपूत दोनों ने सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने और आयोजन की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
इस बीच मप्र मानवाधिकार आयोग ने जिलाधिकारी और एसपी से 15 दिन में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें भीड़ नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी शामिल होगी।