चालान बनाम समाधान: कटनी पुलिस की ‘यातायात युद्ध’ में हार क्यों?
Challan vs Solution: Why Is Katni Police Losing the ‘Traffic War’?
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
Katni’s traffic chaos worsens as police focus on fines over solutions. New SP Abhinav Vishwakarma’s promises remain unfulfilled, with daily jams at Mishran Chowk, Ghatarghat & Bus Stand. Public frustration grows as authorities fail to curb e-rickshaws & encroachments. Will joint action bring relief?
कटनी में ट्रैफिक जाम बना संकट! नए एसपी अभिनव विश्वकर्मा के वादे अधूरे, मिश्रण चौक-घंटाघर पर रोज अराजकता। ई-रिक्शा और अतिक्रमण पर नियंत्रण नहीं, जनता का गुस्सा बढ़ा। क्या प्रशासन-पुलिस का संयुक्त अभियान सुधारेगा हालात?
MP संवाद, कटनी। नए पुलिस कप्तान अभिनव विश्वकर्मा से शहरवासियों को बड़ी उम्मीदें हैं। उन्होंने व्यवस्था सुधारने का वादा किया है, लेकिन शहर की सड़कों पर रोजाना लगने वाला जाम अब भी आम जनता के लिए मुसीबत बना हुआ है। मिश्रण चौक, गाटरघाट, गांधी द्वार, सुभाष चौक, झंडा बाजार, घंटाघर, चांडक चौक, रविदास तिराहा से लेकर बस स्टैंड तक के मार्गों पर अराजकता जारी है।
ई-रिक्शा की अनियंत्रित भीड़ तो एक बड़ी समस्या बन चुकी है, जिस पर तुरंत अंकुश लगाने की जरूरत है। हालांकि नगर निगम और यातायात विभाग की ओर से कार्यवाही का दावा किया जाता है, लेकिन नोंकझोंक और अस्थायी उपायों से ही काम चलाया जा रहा है। अतिक्रमण निरीक्षकों का कहना है कि जनता का सहयोग जरूरी है, लेकिन जुर्माना लगाने के बावजूद ट्रैफिक व्यवस्था बदहाल ही है।
रोज फंसते हैं लोग जाम में
ट्रैफिक टीआई राहुल पांडे की टीम कई बार सड़कों पर उतर चुकी है, लेकिन सुधार नहीं दिखता। पिछले शुक्रवार को बरगवां से कोतवाली थाना तक कई किलोमीटर लंबे जाम में सैकड़ों लोग घंटों फंसे रहे।
नए कप्तान पर टिकी नजरें
नागरिकों को उम्मीद थी कि नए कप्तान के आते ही हालात सुधरेंगे, लेकिन स्थिति अभी भी वही ढाक के तीन पात्र है। सवाल उठ रहे हैं—आखिर ट्रैफिक समस्या का समाधान कब होगा?
स्थानीय व्यापारी और नागरिक आरोप लगाते हैं कि ट्रैफिक विभाग सिर्फ चालान काटने में व्यस्त है, जबकि सड़क निगरानी, पार्किंग व्यवस्था और टूटे सिग्नल्स पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
चेतावनी: यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में यह समस्या विकराल रूप ले सकती है। जरूरत है एक योजनाबद्ध ट्रैफिक मैनेजमेंट की, जहां प्रशासन, पुलिस और नगर निगम मिलकर काम करें। मगर, बढ़ती गाड़ियों और जनता का गुस्सा चुनौती बना हुआ है!