कटनी का कमाल: सूखी खदानों को बना दिया ‘पानी का किला’
Katni’s Miracle: Turned Barren Mines into ‘Water Fortresses’!
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
KATNI’S WATER REVOLUTION: Abandoned mines transformed into rainwater reservoirs, solving summer water crises. A model of grassroots innovation praised by state officials.
कटनी का जल क्रांति: खाली खदानें बनीं जल भंडार, ग्रीष्मकालीन संकट का समाधान। जमीनी स्तर के इस नवाचार को प्रशासन ने दी मुहर।
MP संवाद, कटनी। जहां पूरा देश गर्मी में जल संकट से जूझता है, वहीं मध्यप्रदेश के कटनी जिले ने एक अनूठी मिसाल पेश की है। यहां की परित्यक्त खदानों को ‘जल संरक्षण के कुंज’ में बदल दिया गया है, जिससे इस साल गर्मियों में शहर को पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़ा।
कैसे काम करता है यह सिस्टम?
✔ वर्षा ऋतु में कटनी नदी के अतिरिक्त जल को खदानों में स्टोर किया जाता है
✔ 5 प्रमुख खदानों (विश्वकर्मा, कंचन, इमलिया सहित) में जल संग्रहण
✔ गर्मी में इस पानी को फिल्टर कर शहर को सप्लाई किया जाता है
प्रमुख तथ्य:
- 2.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ इमलिया प्रोजेक्ट
- विधायक संदीप जायसवाल और जिला प्रशासन का संयुक्त प्रयास
- पिछले साल की तुलना में 40% अधिक जल संग्रहण
क्यों है खास?
यह प्रोजेक्ट न केवल पेयजल समस्या का समाधान है, बल्कि:
→ भूजल स्तर में सुधार
→ वाटर रिचार्ज में मदद
→ पर्यावरण संरक्षण की मिसाल
महापौर प्रीति सूरी ने MPSamwad.com को बताया, “यह जनसहभागिता और दूरदर्शी योजना का सुखद परिणाम है। हमने पहले ही अगले सीजन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।”