कटनी में भूचाल! जल संरक्षण में लापरवाही पर 11 कर्मचारी सस्पेंड, 24 को नोटिस.
Katni takes bold steps for water conservation! 11 suspended, 24 warned.
Strict Action: Katni CEO cracks down on water scheme negligence
Katni! 11 Employees Suspended, 24 Served Notices Over Negligence in Water Conservation.
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
कटनी प्रशासन का सख्त एक्शन! जल गंगा संरक्षण योजना में लापरवाही पर 11 कर्मचारी निलंबित, 24 को नोटिस। सीईओ शिशिर गेमावत ने जांच के आदेश दिए। निलंबित कर्मचारियों को 50% वेतन मिलेगा।
Katni administration takes strict action! 11 employees suspended, 24 served notices for negligence in Jal Ganga water conservation scheme. CEO Shishir Gemawat orders probe. Suspended staff to get 50% salary during inquiry period.
कटनी, ख़ास संवाददाता। जिला पंचायत के सीईओ शिशिर गेमावत ने जल गंगा संवर्धन अभियान में गंभीर लापरवाही बरतने वाले 11 रोजगार सहायकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कड़ी कार्रवाई खेत तालाब, कपिलधारा कूप निर्माण और रिचार्ज पिट जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अनियमितताओं के मद्देनजर की गई है।
क्या है मामला?
- जिला प्रशासन द्वारा जल संरक्षण हेतु चलाए जा रहे अभियान में कर्मचारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई
- वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की खुलेआम अवहेलना की गई
- निलंबित कर्मचारियों को अब 50% वेतन पर कार्य से हटाया गया
ये हैं प्रमुख आरोपी:
विकासखंडवार निलंबित कर्मचारियों की सूची में शाहपुर के अश्विनी गौतम, विरहुली के अमित नायक, घुंघरी के दिलीप गौतम सहित कुल 11 नाम शामिल हैं। इन सभी पर अभियान के लक्ष्यों को पूरा न कर पाने के गंभीर आरोप हैं।
24 अन्य को नोटिस:
प्रशासन ने कार्य में धीमी गति के चलते 24 अन्य रोजगार सहायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इनमें विजयराघवगढ़, ढीमरखेड़ा, बड़वारा समेत विभिन्न विकासखंडों के कर्मचारी शामिल हैं।
सीईओ का सख्त रुख:
“जल संरक्षण राष्ट्रीय प्राथमिकता है। कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी,” सीईओ गेमावत ने स्पष्ट किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
? पाठकों के लिए विशेष:
क्या आपके क्षेत्र में भी जल संरक्षण योजनाओं में अनियमितताएं देखी हैं? हमें itsmpsamwad@gmail.com पर अपनी शिकायत भेजें।