कटनी जिला अस्पताल में दलाली का खेल! सिस्टम की नाक के नीचे फर्जीवाड़ा.
Brokerage racket in Katni District Hospital! Fraud right under the system’s nose.
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
A fake blood agent duped the family of a pregnant woman in Katni District Hospital by taking ₹2500 and disappearing. The fraud exposes the failure of hospital security despite CCTV presence. The system remains silent as helpless patients continue to suffer. An urgent investigation and action are now demanded.
MP संवाद, कटनी। जहाँ सरकार नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे कर रही है, वहीं कटनी जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं इन दावों की पोल खोल रही हैं।
एक बार फिर अस्पताल दलालों की गतिविधियों को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है।
ताजा मामला झिंझरी निवासी मुन्नी भूमिया की बहन द्रोपती भूमिया से जुड़ा है, जो 8 माह की गर्भवती है। गंभीर स्थिति में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उसे पहले ही दो यूनिट ब्लड चढ़ाया था और तीसरे यूनिट की सिफारिश की थी।
इसी दौरान, परिजनों के अनुसार, एक लंबा-चौड़ा, गोरा युवक वार्ड में पहुंचा और खुद को अस्पताल से जुड़ा कर्मचारी बताने लगा। उसने कहा कि वह ब्लड की व्यवस्था करवा सकता है। युवक ने इसके बदले ₹2500 की मांग की।
शुरुआत में परिजनों ने पैसे देने से इनकार किया, लेकिन युवक ने दावा किया कि अस्पताल का पूरा स्टाफ उसे जानता है। उसकी बातों में आकर, परिजनों ने 2500 रुपये दे दिए और उसके साथ ब्लड बैंक की ओर रवाना हुए।
लेकिन वहां पहुंचते ही युवक “पर्ची कटवाने” का बहाना बनाकर फरार हो गया। परिजन घंटों अस्पताल में उसे ढूंढते रहे लेकिन वह नहीं मिला। न ब्लड मिला, न पैसे लौटे।
अब पीड़ित परिवार सदमे में है और न्याय की गुहार लगा रहा है।
अस्पताल में दलाल सक्रिय, सीसीटीवी भी बेअसर
यह घटना यह स्पष्ट करती है कि जिला अस्पताल में दलालों का गिरोह सक्रिय है, जो मजबूर मरीजों और परिजनों को निशाना बना रहा है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जिम्मेदार कब जागेंगे?
अब सवाल यह है कि—
- क्या गरीबों के इलाज के नाम पर ऐसे ही ठगी होती रहेगी?
- क्या जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सोते रहेंगे?
प्रशासन को तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आगे किसी मजबूर मरीज के साथ ऐसा न हो।
सिविल सर्जन का बयान:
डॉ. यशवंत वर्मा, सिविल सर्जन, कटनी ने कहा—
“ऐसी वारदातें अस्पताल की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। जिसने भी यह हरकत की है, उसकी शिकायत मिलने पर जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”