आदेश हवा में, जनता लाइन में: कटनी में गैस एजेंसी का खेल.
Orders in the air, people in queues: The gas agency game in Katni.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद, कटनी। कटनी में प्रशासनिक आदेशों की सरेआम अवहेलना का मामला सामने आया है, जहां भारत गैस की एक एजेंसी खुलेआम नियमों को चुनौती देती नजर आ रही है।
कलेक्टर अशीष तिवारी ने साफ निर्देश दिए थे कि उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए, लेकिन एजेंसी ने इन आदेशों को मानने से ही इनकार कर दिया।
एजेंसी के कर्मचारियों के कथित बयान ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया—
“गैस चाहिए तो खुद आओ”
“लाइन में लगो”
“होम डिलीवरी नहीं होगी”
यह स्थिति तब है जब उपभोक्ता ऑनलाइन बुकिंग कर भुगतान तक कर चुके हैं। बावजूद इसके, उन्हें घंटों लाइन में खड़ा रहने को मजबूर किया जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब प्रशासन आदेश जारी कर चुका है, तो फिर उनका पालन क्यों नहीं हो रहा?
क्या सिस्टम कमजोर पड़ गया है?
या फिर एजेंसियों को खुली छूट मिल चुकी है?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के साथ सीधा अन्याय है।
अब नजरें प्रशासन पर टिकी हैं—
👉 क्या इस मनमानी पर सख्त कार्रवाई होगी?
👉 या फिर आम जनता यूं ही परेशान होती रहेगी?
कटनी से उठी यह आवाज अब एक बड़े सवाल में बदल चुकी है—
“क्या आम आदमी को सुविधा मिलेगी या सिर्फ आदेश ही जारी होते रहेंगे?”
