जंगल के प्यासों का सहारा बनेगा सोसर, वन विभाग का सराहनीय कदम.
Katni Forest Department worker seen providing life-saving water to forest sochars — a step towards protecting wildlife in heatwaves.
Forest department's summer initiative in Katni: Watering sochars to protect thirsty wildlife.
Sochars to Quench the Thirst of Forest Dwellers – A Commendable Initiative by the Forest Department.
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
गर्मी में वन्य जीवों की प्यास बुझाने के लिए कटनी वन विभाग ने जल संरचनाओं की मरम्मत व निर्माण शुरू किया है। ठरका डेम से जल आपूर्ति की जा रही है। यह समय पर उठाया गया कदम वन्य प्राणियों को राहत देगा और शहरी क्षेत्रों में भटकने से रोकेगा।
To quench the thirst of wild animals during summer, Katni Forest Department begins repairing and constructing water structures. Water is being supplied from Tharka Dam to forest zones. This proactive step will prevent wildlife from straying into urban areas and ensure hydration within forest boundaries.
MP संवाद कटनी। गर्मी के मौसम में वन्य प्राणियों के लिए पानी की व्यवस्था करना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे जंगलों में जलस्रोत सूखने लगे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने इस बार समय रहते जंगलों में जल संरचनाओं की मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू कर दिया है, ताकि वन्य जीवों को प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े।
वन क्षेत्रों में स्थित पुराने सोसरों की सफाई और मरम्मत का कार्य शुरू हो गया है। इसके साथ ही नए सोसरों का निर्माण भी किया जा रहा है, ताकि गर्मी के दिनों में जल संकट न उत्पन्न हो। कटनी वन परिक्षेत्र अधिकारी नबी अहमद खान ने बताया कि जिला मुख्यालय से लगे जंगलों में वन्य प्राणियों के लिए ठरका डेम से जल आपूर्ति की जा रही है। जंगल में बने सोसरों में पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है।
विशेष ध्यान निवार-पहाड़ी क्षेत्र को दिया जा रहा है, जहां जल स्रोतों की संख्या कम है। विभाग ने वहां के सोसरों में डेम और अन्य माध्यमों से पानी पहुंचाने की व्यवस्था की है। हर वर्ष गर्मियों में जल संकट के कारण वन्य प्राणी आबादी की ओर रुख करते हैं और कई बार आवारा कुत्तों के शिकार भी बन जाते हैं। इस बार ऐसी घटनाओं से बचने के लिए समय रहते विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।