कचरा परिवहन घोटाला: जबलपुर के 3 अधिकारी EOW के निशाने पर.
Jabalpur’s garbage transport scam has been exposed by EOW, revealing ₹8.2 lakh fraud in municipal payments. A case is filed against key officials.
EOW uncovers corruption in Jabalpur’s waste management, exposing a major financial scam.
Garbage Transport Scam: 3 Jabalpur Officials Under EOW’s Radar.
Special Correspondent, Jabalpur, MP Samwad.
जबलपुर। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) जबलपुर को नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में कचरा परिवहन से जुड़ी आर्थिक अनियमितताओं की शिकायत मिली थी। जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी नोटशीट का इस्तेमाल कर लाखों रुपये का गबन किया गया। इस घोटाले में शामिल नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
ईओडब्ल्यू अधीक्षक के अनुसार, नगर निगम जबलपुर ने वार्ड क्रमांक 8 में कचरा परिवहन कार्य के लिए ₹14,70,228 का बिल प्रस्तुत किया था। लेकिन वास्तविक भुगतान की अनुशंसा ₹6,04,495 की थी। इसके बावजूद, आरोपियों ने एक अलग टाइप की गई फर्जी नोटशीट तैयार कर ₹13,17,510 का भुगतान नेताजी सुभाषचंद्र बोस सफाई कामगार सहकारी समिति, रानीताल, जबलपुर को कर दिया।
जांच में क्या मिला?
राज्य परीक्षक, पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा की गई जांच में केके दुबे के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर ₹8,20,233 का अधिक भुगतान प्राप्त किया और शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
किन अधिकारियों पर FIR दर्ज?
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने निम्नलिखित आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है:
- विनोद श्रीवास्तव – स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम जबलपुर
- अनिल जैन – सहायक स्वास्थ्य अधिकारी
- हेमंत करसा – अध्यक्ष, नेताजी सुभाषचंद्र बोस सफाई कामगार सहकारी समिति
इन पर IPC की धारा 420, 467, 468, 471, 120-B और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
EOW की कार्रवाई जारी
प्रकरण की जांच में उप पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह की अहम भूमिका रही। EOW अब इस घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
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