सिस्टम में सेंध लगाकर… ऑडिट विभाग में मिला करोड़ों का घपला.
Jabalpur audit scam mastermind arrested in ₹5 crore digital fraud case.
Digital heist exposed! Jabalpur Audit Dept official manipulated systems to embezzle ₹5 crore.
Digital Breach Leads to Multi-Crore Audit Department Scam.
Special Correspondent, Jabalpur, MP Samwad.
झटकेदार घोटाला! जबलपुर ऑडिट विभाग के अधिकारी ने सिस्टम हैक कर 5 करोड़ की गबन की। संदीप शर्मा+4 परिवारजन गिरफ्तार। 4 अधिकारी 20-20 हजार के इनाम के बावजूद फरार। पुलिस की विशेष टीमें जुटीं।
SHOCKING SCAM! Jabalpur Audit Dept official hacks system to embezzle ₹5 crore via fake salaries & welfare funds. Mastermind Sandeep Sharma + 4 family members arrested. 4 officers still absconding with ₹20K bounty each. Police teams hunting digitally-savvy fraudsters.
MP संवाद, जबलपुर। ओमती थाना क्षेत्र स्थित सिविक सेंटर के ऑडिट विभाग से करोड़ों रुपये के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। मुख्य आरोपी संदीप शर्मा को ओमती पुलिस ने कोर्ट बिल्डिंग के पास से गिरफ्तार किया है, जिस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पूछताछ के बाद संदीप के साथ उसकी मां पूनम शर्मा, पत्नी स्वाती, सास मेनुका और बहन श्वेता शर्मा को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।
गबन का तरीका
संदीप ऑडिट विभाग में पेरोल जनरेशन और बिल क्रिएशन का काम करता था। उसने एनएनएस सॉफ्टवेयर में हेराफेरी करते हुए:
- हर महीने साढ़े चार लाख रुपये की फर्जी सैलरी अपने खाते में ट्रांसफर की (कुल 56.58 लाख रुपये अधिक)।
- 4.69 करोड़ रुपये अर्जित अवकाश समर्पण, समूह बीमा योजना और परिवार कल्याण निधि के नाम पर हड़पे।
- 57.87 लाख रुपये रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किए।
साथियों को भी लाभ
संदीप ने अन्य कर्मचारियों को भी फायदा पहुंचाया:
- अनूप कुमार बौरिया को 28 हजार रुपये के बजाय 2.53 लाख रुपये दिलवाए।
- उपसंचालक मनोज बरहैया, सीमा अमित तिवारी, प्रिया विश्नोई के खातों में भी रकम ट्रांसफर की गई।
फरार आरोपियों पर इनाम
12 मार्च को दर्ज इस मामले में मनोज बरहैया, सीमा तिवारी, अनूप बौरिया और प्रिया विश्नोई अभी भी फरार हैं। पुलिस ने प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपये का इनाम रखा है। तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं।