रजिस्ट्री ऑफिस बना ठगी का अड्डा: 100 करोड़ की जमीनों की हेराफेरी उजागर.
Registry Office Turns into a Fraud Hub: ₹100 Crore Land Scam Exposed.
Special Correspondent, Indore, MP Samwad.
A massive land scam worth ₹100 crore has been unearthed in Indore. Fake property registries were created by tampering with official documents. Original records were replaced in the registry office. The Collector has filed an FIR, and multiple officials are now under investigation for their suspected involvement.
MP संवाद, इंदौर में जमीन की फर्जी रजिस्ट्री का एक बड़ा रैकेट सामने आया है। जिले में करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों की फर्जी रजिस्ट्रियां तैयार की गई हैं। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जिन संपत्तियों की फर्जी रजिस्ट्री कराई गई, वे रजिस्ट्रार कार्यालय की रिकॉर्ड पुस्तिका में भी दर्ज पाई गईं।
इस मामले में जिला कलेक्टर आशीष सिंह ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। कई लोगों की ओर से शिकायतें मिल रही थीं कि उनकी जमीनों की रजिस्ट्री किसी अन्य के नाम कर दी गई है, जबकि उन्होंने कोई सौदा किया ही नहीं।
कलेक्टर ने इस मामले की जांच वरिष्ठ जिला पंजीयक दीपक शर्मा से करवाई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर एमजी रोड थाना में एफआईआर दर्ज करवाई गई और रिकॉर्ड रूम प्रभारी को निलंबित कर दिया गया। साथ ही नगर निगम कर्मचारियों पर भी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।
जिला पंजीयक चक्रपाणि मिश्रा के निर्देशन में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई, जिसने हाल ही में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। जांच में सामने आया कि 20 संपत्तियों की फर्जी रजिस्ट्रियां की गई हैं, जिनका बाजार मूल्य 100 करोड़ रुपये से ज्यादा बताया जा रहा है।
सबसे गंभीर बात यह है कि रिकॉर्ड रूम में मूल दस्तावेज हटाकर फर्जी दस्तावेज जोड़ दिए गए, जिससे इस गड़बड़ी में अंदरूनी कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका गहराती जा रही है।
अब जिला पंजीयन कार्यालय द्वारा पंढरीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। जिन लोगों की संपत्तियों की फर्जी रजिस्ट्री हुई थी, वे काफी समय से मानसिक तनाव में थे। कुछ मामलों में फर्जी रजिस्ट्री कराने वाले, संपत्तियों पर जबरन कब्जे की कोशिश भी कर रहे थे।
कलेक्टर आशीष सिंह ने सभी पीड़ितों को आश्वस्त किया है कि उन्हें न्याय दिलाया जाएगा।