कटनी में अवैध कबाड़ खरीद-फरोख्त, प्रशासन और पुलिस के लिए बड़ा सवाल.
MP Samwad uncovers the illegal scrap trade in Katni, revealing its effects on the environment and local economy
An investigation into the booming illegal scrap trade in Katni, Madhya Pradesh, shedding light on its impact on the local economy and environment.
Illegal Scrap Trade in Katni: A Major Question for Administration and Police.
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
कटनी में अवैध कबाड़ व्यापार फल-फूल रहा है, जहां चोरी का सामान खुलेआम बेचा जा रहा है। प्रशासन और पुलिस की निष्क्रियता के बावजूद यह कारोबार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
Illegal scrap trade thrives in Katni, with stolen goods being sold openly. Despite administrative and police inaction, the business flourishes. Local authorities face mounting pressure to take swift action and curb the growing scrap mafia.
MP संवाद, कटनी। जिले में कबाड़ के नाम पर चोरी के सामान की खुली खरीद-फरोख्त हो रही है। सिर्फ एक स्टॉक रजिस्टर दिखाकर चलाए जा रहे इस अवैध धंधे पर न तो प्रशासन का नियंत्रण है और न ही पुलिस की कार्रवाई। नतीजतन, यह कारोबार दिन-ब-दिन फल-फूल रहा है और कबाड़ माफिया लाखों का मुनाफा कमा रहा है।
कैसे चलता है यह धंधा?
- केवल एक स्टॉक रजिस्टर दिखाकर कोई भी कबाड़ की दुकान खोल सकता है
- भवन निर्माण सामग्री, वाहनों के पुर्जे, सोलर पैनल, साइकिल-बाइक के कलपुर्जे खुलेआम खरीदे-बेचे जा रहे हैं
- चोरी का माल ट्रकों में भरकर ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश भेजा जाता है
- किशोर बच्चों को एजेंट बनाकर कबाड़ इकट्ठा करवाया जाता है
प्रशासन की निष्क्रियता
जिले में दर्जनों कबाड़ व्यवसायी बिना किसी रोक-टोक के काम कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जिले में कितने कबाड़ी हैं, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी तक उपलब्ध नहीं है। पुलिस कार्रवाई महज औपचारिकता तक सीमित है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
चोरी के माल की हो रही है धड़ल्ले से बिक्री
- साइकिल और बाइक चोरी के बाद उनके पुर्जे अलग-अलग कर कबाड़ में बेच दिए जाते हैं
- पीड़ितों द्वारा शिकायत न करने या पुलिस द्वारा गंभीरता न लेने से यह धंधा फल-फूल रहा है
- कीमती घरेलू सामान भी पानी के दामों पर खरीदे जा रहे हैं
प्रशासन का बयान
एसडीएम प्रदीप मिश्रा ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा,
“जिले में अवैध कबाड़ व्यवसाय चल रहा है जो शहर की सुंदरता को भी प्रभावित कर रहा है। हम जल्द ही कानूनी कार्रवाई करेंगे और इस पर अंकुश लगाएंगे।”