खनन माफियाओं पर शिकंजा, लेकिन अधिकारी अब भी जवाब देने से बच रहे!
ग्यारसपुर के हैदरगढ़ में अवैध खनन पर कार्रवाई, 6 डंपर जब्त। अधिकारी जवाब देने से बच रहे, क्या कार्रवाई की गई, अब भी सवाल बना हुआ है।
प्रशासन द्वारा अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, 6 डंपर जब्त
Crackdown on Mining Mafia, But Officials Still Evading Answers!
Editor, Bhopal, MP Samwad.
विदिशा जिले में लगभग 96 स्वीकृत खनन लीज हैं, जिनमें स्टोन, मुरम, फ्लैग स्टोन, कोपरा और रेत के खनन की अनुमति दी गई है। जिले के सभी ब्लॉकों में यह लीज स्वीकृत हैं, जिनमें ग्यारसपुर में 11, कुरवाई में 18, बासौदा में 39, सिरोंज में 7, लेटेरी में 7, नटेरन में 9 और विदिशा में 5 लीज स्वीकृत हैं। हालांकि, स्वीकृत लीज से अधिक स्थानों पर अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है।
ग्यारसपुर के हैदरगढ़ क्षेत्र में अवैध उत्खनन पर नकेल कसते हुए खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला कलेक्टर रोशन कुमार के निर्देश पर जिले में अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वाले खनिज माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार-बुधवार देर रात करीब 1:00 बजे खनिज विभाग की टीम ने छापेमारी कर मुरम का अवैध उत्खनन कर रहे छह डंपरों को जब्त किया।
जब्त किए गए डंपरों को हैदरगढ़ थाना परिसर में सुरक्षित रखा गया है। जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में अवैध मुरम खनन की गतिविधियाँ तेज हो गई थीं, जिससे प्रशासन सतर्क हो गया था। अंततः खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए मृगन्नाथ सड़क की ओर जा रहे इन डंपरों को पकड़ लिया। इस कार्रवाई से अवैध उत्खनन करने वालों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अवैध खनन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकारियों का टालमटोल रवैया
जब इस मामले में जिला खनिज अधिकारी मेहताब सिंह रावत से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, “इस विषय में पंकज से बात कर लें।” इसके बाद, जब खनिज निरीक्षक पंकज से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो बार-बार फोन लगाने के बावजूद उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
इस वजह से यह स्पष्ट नहीं हो सका कि जब्त किए गए छह डंपरों पर क्या कार्रवाई की गई, कितना जुर्माना लगाया गया और किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। ऐसा प्रतीत होता है कि अधिकारी इस मामले पर जानकारी साझा करने से बच रहे हैं। कहीं ऐसा न हो कि यह कार्रवाई सिर्फ दिखावे के लिए की गई हो और बाद में मिलीभगत कर जब्त किए गए डंपरों को छोड़ दिया जाए।