नारे, टकराव और गिरफ्तारियां: विदिशा में उफनता NSUI और कांग्रेस का आक्रोश.
Slogans, Clashes, and Arrests: Rising Fury of NSUI and Congress in Vidisha.
Deepak Rai, Special Correspondent, Kurwai, Vidisha, MP Samwad.
NSUI and Congress workers stormed the streets of Vidisha demanding college elections. Police halted their march with water cannons, leading to chaos and arrests. The protest exposed rising student anger and government indifference.
MP संवाद, विदिशा में आज एनएसयूआई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का ज़बरदस्त विरोध देखने को मिला। एनएसयूआई कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट घेराव की तैयारी के साथ सड़कों पर उतरे, लेकिन पुलिस ने उन्हें शहर के बीचोबीच ही रोक दिया। जैसे ही प्रदर्शन उग्र हुआ, पुलिस को हालात काबू में लाने के लिए वाटर कैनन का सहारा लेना पड़ा।
बीच बाजार में रोका गया मार्च, वाटर कैनन से तितर-बितर
प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तभी पुलिस ने बीच बाजार में बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोका। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने तेज़ पानी की बौछारें छोड़ीं, जिससे भीड़ तितर-बितर हो गई।
पुलिस ने दर्जनों कार्यकर्ता किए गिरफ्तार
स्थिति नियंत्रण में आते ही पुलिस ने मौके पर मौजूद कांग्रेस और एनएसयूआई के कई वरिष्ठ नेताओं समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के दौरान भी कार्यकर्ता लगातार नारेबाज़ी करते रहे और अपनी मांगों को दोहराते रहे।
एनएसयूआई की मांग: कॉलेजों में चुनाव कराओ
एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा:
“कई सालों से कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव बंद हैं। सरकार जानबूझकर छात्रों की आवाज़ दबा रही है। हमारी मांग है कि कॉलेजों में जल्द से जल्द चुनाव कराए जाएं, ताकि छात्र हितों की बात उठाई जा सके।”
एनएसयूआई का आरोप है कि भाजपा सरकार जानबूझकर कॉलेज चुनाव टाल रही है, जिससे छात्र नेतृत्व का मंच खत्म हो गया है और छात्रों की समस्याएं दबकर रह गई हैं।
प्रदर्शन के बाद बाज़ार में लौटी शांति
करीब दो घंटे तक चले इस हंगामे और गिरफ्तारी के बाद शहर में स्थिति सामान्य हुई। भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद बाज़ार में शांति बहाल हो गई है।