जनसुनवाई में खुली पोल: सरकारी अस्पताल में लापरवाही, एक निलंबित, दो पर कार्रवाई!.
The district-level public hearing revealed negligence at a government hospital, leading to the suspension of a pharmacist and disciplinary action against two doctors.
Public hearing exposes hospital negligence: One suspended, two under scrutiny.
Public Hearing Exposes Negligence: One Suspended, Action Taken Against Two in Government Hospital!
Correspondent, Bhopal, MP Samwad.
कटनी। बीते मंगलवार को तहसील बरही परिसर में आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरही के फार्मासिस्ट ग्रेड-2 दीपक बसोर की अनुपस्थिति और उनके कर्तव्य में लापरवाही का मामला कलेक्टर दिलीप कुमार यादव के संज्ञान में आया। इस पर कलेक्टर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फार्मासिस्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में दीपक बसोर का मुख्यालय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्लीमनाबाद, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहोरीबंद में नियत किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
डॉक्टरों को मिला कारण बताओ नोटिस
जिला स्तरीय जनसुनवाई में निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरही की चिकित्सा अधिकारी डॉ. भारती सिंह अनुपस्थित पाई गईं, और उनकी उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर भी नहीं थे। इस कृत्य को मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के तहत कदाचरण की श्रेणी में मानते हुए कलेक्टर ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. अठ्या ने बुधवार को डॉ. सिंह को नोटिस जारी कर तत्काल जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
आयुष चिकित्सा अधिकारी पर गंभीर आरोप
जनसुनवाई के दौरान दो व्यक्तियों ने शिकायत की कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरही में पदस्थ आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव गुप्ता ने सामान्य पर्चे पर ₹390 मूल्य की दवाइयाँ बाहर से मंगवाईं और मरीजों का इलाज एलोपैथिक दवाओं से किया। इसे भी मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के उल्लंघन की श्रेणी में मानते हुए कलेक्टर ने डॉ. गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
CMHO डॉ. आर.के. अठ्या द्वारा जारी नोटिस में डॉक्टरों को तत्काल उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होता है, तो मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।