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ऐतिहासिक रहस्यों का खजाना: ग्यारसपुर की धरती के नीचे दबे हैं हज़ार साल पुराने मंदिर!

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ग्यारसपुर की धरती के नीचे छुपा है मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा पुरातत्व खजाना!

Excavation demand at ancient Gupta-era temples in Gyaraspur, Madhya Pradesh

Locals believe this site hides a 1000-year-old temple. Will archaeologists listen

Treasure of Historical Mysteries: Thousand-Year-Old Temples Lie Buried Beneath Gyaraspur’s Soil!

Sitaram Kushwaha, Special Correspondent, Vidisha, MP Samwad.

Gyaraspur hides a buried past! Ancient temples, lost for centuries, await excavation. Locals demand action as archaeology ignores this goldmine of Gupta-era art. Will MP’s heritage finally see the light?

ग्यारसपुर का दफ़न इतिहास! हज़ार साल पुराने मंदिरों को खोदने की मांग, पर पुरातत्व विभाग सोया है। क्या मध्यप्रदेश की यह विरासत अब जागेगी?

MP संवाद, विदिशा, ग्यारसपुर (मध्य प्रदेश) – अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध ग्यारसपुर प्राचीन मंदिरों, स्थापत्य कला और इतिहास के अनमोल खजाने को समेटे हुए है। यहाँ का हर कोना भारतीय सांस्कृतिक वैभव की गवाही देता है।

यह क्षेत्र गुप्तकाल और परमार काल में अपनी अद्भुत वास्तुकला और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहाँ स्थित मालादेवी मंदिर, विष्णु मंदिर और अथखंडेश्वर मंदिर जैसे स्मारक भारतीय स्थापत्य कला के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। पत्थरों पर की गई बारीक नक्काशी और मूर्तियाँ यहाँ के वैभवशाली अतीत की झलक दिखाती हैं।

मालादेवी मंदिर, पहाड़ी पर स्थित होने के कारण पर्यटकों और शोधकर्ताओं को खासा आकर्षित करता है। वहीं, यहाँ के जैन मंदिर और स्तंभ प्राचीन भारत में धार्मिक सहिष्णुता और विविधता के प्रतीक हैं। इन संरचनाओं की अनूठी शैली और भव्यता इन्हें ऐतिहासिक शोध का महत्वपूर्ण केंद्र बनाती है।

पुरातत्व विभाग द्वारा ग्यारसपुर के बाजरा मठ सूर्य मंदिर सहित अन्य धरोहरों को संरक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। हालाँकि, स्थानीय लोगों का मानना है कि अभी भी कई प्राचीन मंदिर और पुरा संपदाएँ ज़मीन के नीचे दबी हुई हैं। वीजासन देवी मैया की पहाड़ी पर एक विशाल प्राचीन मंदिर होने की बात स्थानीय लोग बताते हैं, जिसके उत्खनन की माँग वे लंबे समय से कर रहे हैं।

ग्यारसपुर की संस्कृति केवल प्राचीन इमारतों तक सीमित नहीं, बल्कि यह यहाँ की परंपराओं और जीवनशैली में भी साफ़ झलकती है। यह स्थान भारतीय सांस्कृतिक धरोहर का एक जीवंत उदाहरण है, जहाँ इतिहास और आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिलता है। न केवल पर्यटकों के लिए, बल्कि इतिहास प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए भी ग्यारसपुर एक अनमोल खजाना है।

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