ग्वालियर तहसीलदार रेप केस: सुप्रीम कोर्ट से झटका, गिरफ्तारी तय!
सुप्रीम कोर्ट ने ग्वालियर तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट और जिला कोर्ट पहले ही जमानत ठुकरा चुके थे।
ग्वालियर तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान की गिरफ्तारी तय, सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से किया इनकार।
Gwalior Tehsildar Rape Case: Setback from Supreme Court, Arrest Inevitable!
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रेप मामले में फरार तहसीलदार को सर्वोच्च न्यायालय से भी कोई राहत नहीं मिली है। शादी का झांसा देकर 17 साल तक शारीरिक संबंध बनाने के मामले में आरोपी तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान को सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। इससे पहले जिला कोर्ट और हाईकोर्ट भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुके थे।
क्या है पूरा मामला?
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायालय ने तहसीलदार को रेगुलर कोर्ट में उपस्थित होकर जमानत के लिए आवेदन करने को कहा। अदालत से अग्रिम जमानत नहीं मिलने के बाद अब तहसीलदार की गिरफ्तारी तय मानी जा रही है।
उधर, दुष्कर्म पीड़िता ने आरोप लगाया है कि पुलिस जानबूझकर आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही है, जिससे उसे भागने का अवसर मिल रहा है। पीड़िता ने यह भी कहा कि आरोपी भिंड में उसके परिवार को परेशान करवा रहा है।
आरोपी तहसीलदार पर पहले से हैं कई मामले दर्ज
तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान पर मध्य प्रदेश के भिंड और उत्तर प्रदेश के इटावा में 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इन मामलों से संबंधित दस्तावेज पहले ही हाईकोर्ट में पेश कर दिए थे। रिकॉर्ड पेश होने के बाद जिला कोर्ट और हाईकोर्ट ने तहसीलदार की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद तहसीलदार ने सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी आरोपी को बचा रहे हैं, जिसके कारण उसकी गिरफ्तारी नहीं हो रही है। महिला ने अपनी जान को खतरा बताते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है।