अजब शिक्षा विभाग का गजब खेल: एक कुर्सी, तीन दावेदार, छात्र बेहाल!
Education Department’s Bizarre Game: One Chair, Three Claimants, Students in Distress!
Special Correspondent, Bhopal, MP Samwad.
GWALIOR SCHOOL’S CHAOS: Three principals appointed to one government school, leaving staff and 400+ students confused. Education Dept’s transfer negligence sparks a power struggle. Who’s the real boss? Read the shocking mismanagement!
MP संवाद, ग्वालियर: शिक्षा महकमे का अजीबोगरीब कारनामा सामने आया है। ग्वालियर के महाराजपुरा हायर सेकेंडरी स्कूल में एक साथ तीन प्राचार्य नियुक्त कर दिए गए हैं, जिससे कुर्सी को लेकर घमासान मच गया है।
एक तरफ जहां मध्य प्रदेश के कई स्कूलों में एक भी प्राचार्य नहीं हैं, वहीं ग्वालियर में एक ऐसा स्कूल है जहां तीन-तीन प्राचार्य मौजूद हैं। स्कूल के स्टाफ और छात्र-छात्राएं हैरान हैं कि वे अपनी समस्याएं किसे बताएं।
ट्रांसफर का खेल, प्रशासन की लापरवाही
सरकारी स्कूलों में आमतौर पर एक ही प्राचार्य नियुक्त होता है, लेकिन महाराजपुरा स्कूल में पहले भदौरिया को प्राचार्य बनाया गया। 2023 में स्मृति शर्मा को भी उसी स्कूल में प्राचार्य बना दिया गया, लेकिन भदौरिया को हटाया नहीं गया। दोनों के बीच दो साल तक अधिकारों की जंग चलती रही, और अब एके पाठक (पूर्व DEO, मुरैना) को तीसरा प्राचार्य बना कर भेज दिया गया है।
नतीजा? 400 से अधिक छात्र असमंजस में हैं—उनका असली प्राचार्य कौन है?
तीनों प्राचार्य, कोई हटने को तैयार नहीं
हाल ही में आए एके पाठक खुद को प्राचार्य बता रहे हैं, लेकिन स्मृति शर्मा ने चार्ज नहीं छोड़ा, क्योंकि उनका ट्रांसफर ही नहीं हुआ। भदौरिया भी मौजूद हैं। स्कूल में तीनों के नामपट्ट लगे हैं, और स्मृति शर्मा निर्माण कार्यों की निगरानी भी कर रही हैं।