गुना के CMHO पर हाईकोर्ट की फटकार: ‘पद पर रहने योग्य नहीं’
Guna’s CMHO under fire! High Court orders inquiry, calling him unfit for his position – mp.samwad.com
High Court rebukes Guna CMHO, declares him unfit for the position; departmental inquiry ordered – mp.samwad.com
High Court slams Guna’s CMHO: ‘Not fit to hold the position
Special Correspondent, Guna, MP Samwad.
The High Court has strongly criticized Guna’s CMHO, stating he is “not fit to hold the position.” The court has ordered a departmental inquiry, raising serious concerns about the state of healthcare administration. This ruling could lead to major repercussions in Madhya Pradesh’s health sector.
MP गुना। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गुना के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर पर नेताओं की चाटुकारिता करने और कर्तव्यों में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्हें “पद के अयोग्य” करार दिया है। यह टिप्पणी एक ऐसे मामले में आई है जहां सीएमएचओ ने कोर्ट को पदोन्नति का रिकॉर्ड भेजने की बजाय केस की फाइल पेश कर दी।
कोर्ट का तीखा प्रहार:
ग्वालियर खंडपीठ ने कहा कि सीएमएचओ “अपने कर्तव्यों की बजाय नेताओं की खुशामद में व्यस्त” हैं। न्यायाधीशों ने व्यंग्य किया, “जब उप-मुख्यमंत्री का दौरा हुआ, तो सीएमएचओ की पैर की चोट अचानक ठीक हो गई और वे नेताजी के साथ घूमते नजर आए।” कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि वे सीएमएचओ की जांच करें और गुरुवार तक पूरा रिकॉर्ड पेश करें।
याचिकाकर्ता का पक्ष:
रिटायर्ड कर्मचारी बीपी शर्मा ने 2009 में याचिका दायर कर बताया था कि उनके जूनियर वीएन शर्मा को अनियमित तरीके से प्रमोशन दिया गया, जबकि उन्हें नजरअंदाज किया गया। उनके वकील राज श्रीवास्तव ने कहा, “गुना सीएमएचओ ने वो रिकॉर्ड तो भेजा नहीं, कोर्ट केस की फाइल भेज दी. हालांकि मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि वीएन शर्मा सागर से रिटायर हुए थे. उनका रिकॉर्ड वहीं से मिलेगा. “
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