RERA की अनुमति बिना करोड़ों के प्लॉट बांटे! GDA के दो CEO पर केस दर्ज.
Crores Worth of Plots Allotted Without RERA Approval! Case Filed Against Two GDA CEOs.
Special Correspondent, Gwalior, MP Samwad.
Gwalior Development Authority faces a major scam as two CEOs are accused of allotting plots worth crores without RERA approval. RTI activist Rakesh Singh Kushwah’s complaint led to a Lokayukta case against current CEO Narottam Bhargav and former CEO Pradeep Sharma. Investigation is underway with strong documentary evidence
MP संवाद, ग्वालियर। लोकायुक्त संगठन ने ग्वालियर विकास प्राधिकरण (GDA) के दो मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) के खिलाफ करोड़ों रुपये के प्लॉट आवंटन घोटाले में केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई आरटीआई कार्यकर्ता राकेश सिंह कुशवाह की शिकायत पर की गई है।
जिन दो अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें वर्तमान सीईओ नरोत्तम भार्गव और पूर्व सीईओ प्रदीप शर्मा शामिल हैं।
शिकायत के अनुसार, ग्वालियर विकास प्राधिकरण की शताब्दीपुरम योजना फेज-4 में भूखंडों का विकास बिना शासन और रेरा (RERA) विभाग की अनुमति के किया गया। जबकि रेरा की मंज़ूरी इस प्रकार की योजना के लिए आवश्यक होती है।
पूर्व सीईओ प्रदीप शर्मा के कार्यकाल में रेरा विभाग ने इस पर आपत्ति जताई थी और प्लॉट बिक्री पर रोक लगाने के लिए पत्र भी भेजा था। इसके बावजूद, वर्तमान सीईओ नरोत्तम भार्गव ने 1 जनवरी 2025 को श्रीराम रियल इंफ्रा समिति को नियमों को दरकिनार करते हुए भूखंड आवंटित कर दिए।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि इस अवैध आवंटन से शासन और प्राधिकरण को करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान हुआ है। आरटीआई के जरिए प्राप्त दस्तावेज़ों और रेरा विभाग के पत्रों को साक्ष्य के रूप में लोकायुक्त को सौंपा गया।
लोकायुक्त ने शिकायत को गंभीर मानते हुए दोनों अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।