भंडारे के खाने से तबीयत बिगड़ी, 200 ग्रामीण बीमार – गांव में लगा मेडिकल कैंप.
After consuming stale Bhandara food, 200+ villagers in Datia fell sick. Authorities set up a medical camp, and treatment is ongoing.
Over 200 villagers fell sick in Datia after eating stale food from a religious feast. Authorities set up a medical camp for immediate treatment.
Health Deteriorates After Eating Bhandara Food, 200 Villagers Sick – Medical Camp Set Up in Village.
Malkhan Singh Parmar, Special Correspondent, Morena/Bhopal, MP Samwad.
दतिया: मध्य प्रदेश के दतिया जिले में भंडारे का भोजन खाने से 200 से अधिक ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें से 10-15 लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य मरीजों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
कैसे बिगड़ी ग्रामीणों की तबीयत?
जानकारी के अनुसार, 8 मार्च को दतिया जिले के सेवड़ा अनुभाग के सेंगुवां गांव में श्रीमद् भागवत कथा के समापन पर भंडारा आयोजित किया गया। अगले दिन, यानी 9 मार्च, को भंडारे की बची हुई सब्जी, पूड़ी और बूंदी गांव में बांटी गई। बासी भोजन खाने के कुछ घंटे बाद ही कई ग्रामीणों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते गांव में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी, जिससे हड़कंप मच गया।
स्वास्थ्य विभाग ने संभाला मोर्चा
गांव में अचानक बढ़ते मरीजों को देखते हुए सरपंच नीरज यादव ने प्रशासन को तत्काल सूचना दी। जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और इंदरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र से डॉ. विपिन द्विवेदी के नेतृत्व में एक मेडिकल टीम गांव भेजी। टीम घर-घर जाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है।
गांव में लगाया गया मेडिकल कैंप
- मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गांव के माध्यमिक विद्यालय परिसर में स्वास्थ्य शिविर (मेडिकल कैंप) लगाया गया।
- अब तक 100 से अधिक मरीजों का इलाज किया जा चुका है।
- 15 से अधिक गंभीर मरीजों को इंदरगढ़, दतिया और ग्वालियर के अस्पतालों में रेफर किया गया है।
- प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए इंदरगढ़ नायब तहसीलदार मनोज दिवाकर को टीम के साथ गांव में तैनात कर दिया है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से बासी भोजन के सेवन से बचने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या की तुरंत सूचना देने की अपील की है। इसके अलावा, खाद्य एवं स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।