गुना जिले में किसान बिजली की कमी और विरोध करने पर झूठे मुकदमों का सामना कर रहे हैं.
Farmers in Guna district are protesting against inadequate electricity for irrigation, facing challenges from the power supply system and the filing of false cases, reflecting growing frustration in the rural community
Farmers in Guna district protest against electricity shortages and face false cases, highlighting their ongoing struggles for basic agricultural needs.
Farmers in Guna district are facing a shortage of electricity for irrigation and false cases are being filed against them for protesting against the power company’s mismanagement.
Special Correspondent, Guna, MP Samwad.
हाइलाइट्स:
- किसानों की समस्याएं: गुना जिले के किसानों को रबी फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है।
- झूठे मुकदमे: बिजली सप्लाई की शिकायत करने पर 6 किसानों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए।
- ग्रामीणों का विरोध: ग्रामीणों ने एसपी से एफआईआर वापस लेने की मांग की।
पूरा विवरण:
गुना जिले के बरखेड़ागिर्द क्षेत्र में किसानों का एक बड़ा मुद्दा सामने आया है, जहां रबी फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण किसान परेशान हैं। बिजली कंपनी की मनमानी का विरोध करने पर किसानों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं। 14 जनवरी को किसानों ने लाइनमैन की कार्यशैली का विरोध किया था, जिसके बाद 15 जनवरी को लाइनमैन की शिकायत पर पुलिस ने 6 किसानों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज किए।
किसानों का कहना है कि वे केवल अपनी मांग रखने गए थे, उनका उद्देश्य किसी से लड़ाई-झगड़ा करना नहीं था। उनके खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं और दोषी लाइनमैन को हटाया जाए। ग्रामीणों ने इस मुद्दे पर एसपी को आवेदन दिया और एफआईआर वापस लेने की अपील की।
वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शाजापुर जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देने की घोषणा की थी, लेकिन गुना जिले में बिजली की कमी और किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमों ने सरकार की कथनी और करनी के बीच बड़ा अंतर उजागर किया है।