5.5 करोड़ की संपत्ति, 6 वाहन, 2 फैक्ट्रियां: EOW ने भ्रष्टाचार का किया भंडाफोड़.
Exclusive: EOW’s crackdown on MP electricity department corruption reveals luxury assets beyond officer’s income. Full story at mpsamwad.com.
EOW's raid uncovers ₹5.5Cr benami properties, luxury cars, and factories linked to MP electricity officer.
₹5.5 Crore Assets, 6 Vehicles, 2 Factories: EOW Exposes Corruption Scam.
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
ईओडब्ल्यू की छापेमारी में बेनामी संपत्तियों का भंडाफोड़! बिजली अधिकारी के खाते में 5.5 करोड़ की दौलत, 6 वाहन व 2 फैक्ट्रियां। सैलरी से 10 गुना ज्यादा संपत्ति पर EOW का शिकंजा.
ईओडब्ल्यू की छापेमारी में बेनामी संपत्तियों का भंडाफोड़! बिजली अधिकारी के खाते में 5.5 करोड़ की दौलत, 6 वाहन व 2 फैक्ट्रियां। सैलरी से 10 गुना ज्यादा संपत्ति पर EOW का शिकंजा!
MP संवाद, कटनी। सरकारी नौकरी में रहते हुए करोड़ों की संपत्ति जमा करने वाले एक बिजली विभाग के अधिकारी का भ्रष्टाचार का खेल ईओडब्ल्यू (EOW) की छापेमारी में धराशायी हो गया। नरसिंहपुर और कटनी में हुई इस कार्रवाई में फैक्ट्रियां, कोठियां, वाहन और जेवरात सहित कुल 5.5 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद हुई है।
“विजिलेंस विभाग का अधिकारी खुद ही बना भ्रष्टाचार का मास्टरमाइंड!”
आरोपी उमा शंकर पाराशर, जो खुद कभी विजिलेंस विभाग में तैनात थे, पर आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आया है। EOW की 15 सदस्यीय टीम ने उनके नरसिंहपुर स्थित मकानों और गांवों में चल रही फैक्ट्रियों पर धावा बोलकर भ्रष्टाचार का पूरा नेटवर्क उजागर कर दिया।
छापेमारी का ब्यौरा:
✅ दो शानदार कोठियां (1.5 करोड़)
✅ मेडिकल वेस्ट प्लांट + बायो केमिकल फैक्ट्री (3 करोड़)
✅ 6 वाहन (60 लाख)
✅ सोने-चांदी के जेवर (18 लाख+)
✅ घरेलू सामान (36 लाख)
सवाल ये उठता है कि…
- एक सरकारी इंजीनियर की सैलरी से इतनी दौलत कैसे जमा हुई?
- पत्नी के नाम पर चल रही फैक्ट्रियों में काले धन का निवेश तो नहीं?
EOW ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू की है। पाराशर के 9 बैंक खातों और संपत्ति दस्तावेजों की जांच की जा रही है।