शिक्षा का नशा या शिक्षक का नशा? कक्षा में शराब पीते पकड़ा गया शिक्षक.
A classroom scandal in Guna highlights a teacher caught in violation of professional conduct, raising concerns over rural education discipline.
Teacher caught in classroom misconduct during inspection at a rural school in Guna, Madhya Pradesh.
Is it the intoxication of education or the teacher’s own? Teacher caught drinking alcohol in the classroom.
Special Correspondent, Guna, MP Samwad.
गुना जिले के आदिवासी क्षेत्र के स्कूल में शिक्षक कक्षा में शराब पीते पकड़े गए। औचक निरीक्षण के दौरान रंगेहाथ पकड़े जाने पर शिक्षक ने निरीक्षक से दुर्व्यवहार भी किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह उसका नियमित व्यवहार है। यह घटना ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
A shocking case from Guna district exposes a school teacher drinking alcohol inside a classroom in a tribal area. Caught red-handed during a surprise inspection, the teacher misbehaved with the supervisor. Locals claim such behavior is routine. This shameful act raises serious questions about the state of rural education.
MP संवाद, गुना। प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन कुछ शिक्षकों की लापरवाही इन प्रयासों पर पानी फेर रही है। गुना जिले के बमोरी विकासखंड स्थित आदिवासी चक मुरादपुर के प्राथमिक विद्यालय से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां एक शिक्षक को कक्षा में शराब पीते हुए पकड़ा गया।
प्रमुख बिंदु:
- 26 अप्रैल को जनशिक्षक संजू रघुवंशी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में शिक्षक मीलम सिंह सहरिया कक्षा में शराब पीते पकड़े गए
- शिक्षक की मेज पर शराब की बोतल और सिगरेट की डिब्बी रखी हुई थी
- पकड़े जाने पर शिक्षक ने माफी मांगने की बजाय जनशिक्षक के साथ दुर्व्यवहार किया
- अन्य शिक्षकों ने बताया कि यह शिक्षक अक्सर नशे की हालत में स्कूल आता है
घटनाक्रम:
जनशिक्षक संजू रघुवंशी ने जब स्टाफ पंजी मांगी तो नशे में धुत शिक्षक ने रजिस्टर जमीन पर फेंक दिया और कहा, “उठा ले इसे”। इसके अलावा शिक्षक ने जनशिक्षक के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया।
अन्य शिक्षकों ने क्या कहा?
विद्यालय के अन्य शिक्षकों ने बताया कि मीलम सिंह अक्सर नशे की हालत में स्कूल आता है। एक शिक्षक ने खुलासा किया कि निरीक्षण से एक दिन पहले ही स्कूल परिसर से शराब की खाली बोतलें हटाई गई थीं।
अगले कदम:
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो जनशिक्षक द्वारा रिकॉर्ड किया गया है, जिसे संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया है। अब शिक्षा विभाग द्वारा इस मामले में कार्रवाई की प्रतीक्षा है।