राशन बंद, पेंशन रुकी! कटनी में दिव्यांग दंपत्ति की गुहार, कब सुनेगा प्रशासन?
A disabled couple in Katni faces severe hardship after losing access to ration and pension benefits. Their heartfelt plea urges immediate administrative action.
A distressed disabled couple in Katni pleads for the restoration of their ration and pension benefits.
Ration stopped, pension halted! Disabled couple in Katni pleads for help—when will the administration listen?
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
Ration and pension benefits of a disabled couple in Katni have been abruptly stopped, leaving them in distress. The couple pleads for administrative intervention, highlighting their dire situation. Their appeal raises serious concerns about the welfare system. Will the authorities take action, or will their cries for help go unheard?
कटनी। सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी दावों के बीच दिव्यांग दंपत्ति विजय बर्मन (54) और उनकी पत्नी मीना बर्मन (50) की परेशानियों ने प्रशासन की अनदेखी को उजागर कर दिया है। दोनों आंखों से दिव्यांग यह बुजुर्ग जोड़ा पिछले सात माह से राशन और पेंशन के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है।
मां के निधन के बाद बंद हुआ राशन, गुहार लगाने पर भी नहीं मिली मदद
निवार के समीप ग्राम पौनिया निवासी विजय बर्मन के अनुसार, सितंबर माह में उनकी मां पुलिया बाई के निधन के बाद से ही उनका राशन बंद हो गया। उनकी पत्नी के राशन कार्ड में त्रुटि होने के कारण दिव्यांगता पेंशन भी रुकी हुई है। पहले उन्हें 35 किलो अनाज मिलता था, जिससे उनका जीवनयापन होता था। अब केवल ₹600 की पेंशन में गुजारा करना मुश्किल हो गया है। मजबूरी में उन्हें दूसरों से मांगकर पेट भरना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत से लेकर कलेक्ट्रेट तक कोई सुनवाई नहीं
विजय बर्मन और उनकी पत्नी ने अपनी समस्या को लेकर कई बार ग्राम पंचायत के सरपंच सुनील यादव, सचिव हिम्मत सिंह और रोजगार सहायक राजेश चौधरी से मदद मांगी, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ। विजय ने बताया कि वे कई बार जान जोखिम में डालकर कलेक्ट्रेट में गुहार लगाने पहुंचे, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला।
दिव्यांगता के साथ मोहताजगी भरा जीवन जीने को मजबूर
विजय बर्मन ने भावुक होते हुए कहा,
“गरीबों और लाचारों की कोई सुनवाई नहीं होती। हमें हर जगह बस आश्वासन ही मिलता है, लेकिन पेट भरने के लिए रोटी नहीं।”
मंगलवार को भी उन्होंने अपनी फरियाद अधिकारियों तक पहुंचाई, लेकिन उन्हें 20 दिन का इंतजार करने को कहा गया।
प्रशासन का बयान
साधना परस्ते, एडीएम कटनी ने कहा,
“यह मामला संज्ञान में आया है। तहसीलदार को राशन कार्ड बनवाने और महिला के आधार कार्ड सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक समस्या का समाधान क्यों नहीं हुआ, इसकी जांच कराई जाएगी। राशन और अन्य सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए जाएंगे।”