ढाई करोड़ की सड़क एक हफ्ते में उखड़ी, डिंडौरी में भ्रष्टाचार की पोल खुली!
Dindori’s ₹2.5 crore road crumbled in a week! Villagers accuse contractors of corruption, while officials remain silent. Will there be any action?
Dindori’s ₹2.5 crore road collapses within a week, raising serious corruption concerns. Villagers demand accountability from officials and contractors.
A ₹2.5 Crore Road Crumbled in a Week, Exposing Corruption in Dindori!
Special Correspondent, Dindori, MP Samwad.
A ₹2.5 crore road built under the Pradhan Mantri Janman Yojana in Dindori crumbled within a week. Villagers accused the contractor of using substandard materials. Despite repeated complaints, officials remain silent. Allegations of corruption in road construction projects continue to rise, raising serious concerns about accountability and transparency.
डिंडौरी। जिले के मेंहदवानी जनपद के कुकर्रा ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण किया जा रहा है। यह सड़क बैगान टोला से कुकर्रा ग्राम तक बनाई जा रही है, लेकिन निर्माण पूरा होने से पहले ही इसकी हालत खराब हो गई है।
एक हफ्ते में सड़क उखड़ी, ग्रामीणों का गुस्सा फूटा
गांव के लोगों के अनुसार, होली से एक दिन पहले ही सड़क पर डामर डाला गया था, लेकिन सिर्फ एक हफ्ते में ही डामर उखड़ने लगा। हालत इतनी खराब है कि सड़क को हाथ से छूते ही डामर निकल जाता है।
गांववालों ने ठेकेदार पर लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क की हालत पहले भी बहुत खराब थी, जिसके चलते उन्होंने वर्षों तक इसके निर्माण की मांग की। जब सड़क बनने लगी, तो लोगों में खुशी थी, लेकिन घटिया निर्माण की वजह से यह खुशी जल्द ही निराशा में बदल गई।
ग्रामीणों ने ठेकेदार पर गुणवत्ता से समझौता करने और घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। जब गांववालों ने ठेकेदार के कर्मचारियों से शिकायत की, तो किसी ने उनकी बात तक नहीं सुनी।
पहले भी हो चुकी हैं गड़बड़ियां, अधिकारी मौन
यह कोई पहला मामला नहीं है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत सड़क निर्माण में इससे पहले भी कई गांवों में इसी तरह की गड़बड़ियां सामने आई हैं। खुद जिले के पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई थी, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
जनता की उम्मीदों पर पानी, क्या दोषियों पर होगी कार्रवाई?
सरकार विकास की दिशा में काम करना चाहती है, लेकिन कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए जनता की उम्मीदों को ठेस पहुंचा रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या इस लापरवाही के दोषियों पर कोई कार्रवाई होगी? और क्या ग्रामीणों को कभी एक अच्छी सड़क मिलेगी?