धार का पेंशन घोटाला: 50 हजार घूस के बाद भी नहीं मिला 38 साल के मेहनत का हक!
Dhar’s pension scam: Even after paying 50 thousand rupees in bribe, the rights for 38 years of hard work were not received!
Special Correspondent, Dhar, MP Samwad.
MP संवाद, धार। सरकारी योजनाओं के दावों की पोल खोलती एक मार्मिक घटना – जिले के एक सेवानिवृत्त सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी विजय सिंह पंवार (62) आज भी अपनी पेंशन, जीपीएफ और ग्रैच्युटी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। फरवरी 2025 में रिटायर हुए विजय सिंह ने जनसुनवाई में कलेक्टर को बताया कि उन्होंने 50,000 रुपये घूस देने के बाद भी अपना काम नहीं करवा पाए।
चौंकाने वाले खुलासे:
- अगस्त 2024 से लगातार आवेदन देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं
- 38 वर्षों की सेवा के बाद भी नहीं मिला द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ वेतनमान का लाभ
- कोषालय के रिकॉर्ड से नियुक्ति पत्र से लेकर रिटायरमेंट ऑर्डर तक गायब
- तहसीलदार द्वारा हस्ताक्षरित सेवानिवृत्ति आदेश भी दाखिल नहीं
आरोपों पर मुहर:
“मैंने अब तक 50 हजार रुपये रिश्वत में दे दिए, फिर भी मांगी जा रही है और 50 हजार की रकम!”
विजय सिंह पंवार, पीड़ित सेवानिवृत्त कर्मचारी
प्रशासन की प्रतिक्रिया:
कलेक्टर ने मामले की तुरंत जांच के आदेश दिए हैं और 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है।