बौद्ध गुफाओं तक सड़क की राह में रिश्वत की दीवार, रेंजर गिरफ्तार.
Caught red-handed: Forest ranger in Dhar held for bribery in Buddhist caves road project.
Lokayukta police arrest forest ranger in Dhar while accepting ₹1 lakh bribe for road work clearance.
Bribe Blocks Road to Buddhist Caves, Forest Ranger Arrested.
Special Correspondent, Dhar, MP Samwad.
धार जिले में ऐतिहासिक बौद्ध गुफाओं तक सड़क निर्माण की मंजूरी के लिए वन रेंजर ने मांगी एक लाख की रिश्वत। पहले अनुमति देने के बावजूद काम रोका। लोकायुक्त पुलिस ने जाल बिछाकर रंगे हाथों पकड़ा। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई।
A Forest Ranger in Dhar district was caught red-handed taking a bribe of ₹1 lakh for permitting road work near historic Buddhist caves. Despite prior approval, the ranger halted the construction and demanded money. Lokayukta police laid a trap and arrested him during the transaction.
MP, धार जिले में लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार को वन विभाग के एक रेंजर को एक लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह रिश्वत बाग की ऐतिहासिक बौद्ध गुफाओं तक सड़क निर्माण की मंजूरी देने के एवज में मांगी गई थी।
लोकायुक्त पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सुनील तालान ने जानकारी दी कि आरोपी रेंजर वैभव उपाध्याय को एक ठोस योजना के तहत पकड़ने की कार्यवाही की गई। जब वह ठेकेदार जितेंद्र वास्केल से अपने सरकारी कार्यालय में एक लाख रुपये ले रहे थे, उसी दौरान लोकायुक्त की टीम ने उन्हें धर-दबोचा।
अनुमति के बावजूद रोका गया निर्माण कार्य
डीएसपी तालान ने बताया कि ठेकेदार वास्केल को लोक निर्माण विभाग से बाग की बौद्ध गुफाओं तक तीन किलोमीटर लंबी सड़क बनाने का ठेका मिला था, जिसमें करीब दो किलोमीटर हिस्सा वन भूमि में आता है। वास्केल का कहना है कि उसने पहले ही वन विभाग से निर्माण की अनुमति प्राप्त कर ली थी, बावजूद इसके रेंजर ने निर्माण कार्य रुकवा दिया।
पहले ले चुका था 96,000 रुपये
पुलिस के मुताबिक, रेंजर उपाध्याय ने ठेकेदार से सड़क निर्माण की कुल लागत का 3% रिश्वत के रूप में मांगा था। कुछ दिन पहले उसने 96,000 रुपये भी वसूल लिए थे। बाद में उसने दो लाख रुपये की और मांग की, जिसमें से एक लाख रुपये की किस्त देने के लिए ठेकेदार रेंजर के कार्यालय पहुंचा।
इसी सूचना पर लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाकर रेंजर को रंगे हाथों पकड़ा। अब उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।