सड़क पर पत्थर, प्रशासन पर सवाल! अर्थखेड़ा में विकास के नाम पर अराजकता!
Damoh Panchayat’s reckless construction blocks roads with stone piles, endangering lives. Illegal mining and substandard materials spark outcry. Full story at mp-samwad.com.
Chaotic construction in Arathkheda: Stones piled on roads trigger accidents. Locals demand accountability. ?: mp-samwad.com
Stones on the road, questions on the administration! Chaos in the name of development in Arthkheda!
Sone Singh Thakur, Special Correspondent, Damoh, MP Samwad.
Damoh’s Arathkheda Panchayat faces public outrage as haphazard construction blocks roads with stone piles, triggering accidents. Allegations of illegal mining and substandard materials in boundary walls spark demands for probe. Locals accuse officials of fund misuse, urging admin intervention for safety and transparency. Development or danger? The village seeks answers!.
दमोह जिले के अर्थखेड़ा ग्राम पंचायत में चल रहे विकास कार्यों के नाम पर अराजकता के आरोप लग रहे हैं। बरबटा-दसोंदा मार्ग पर पशु अवरोधक बाउंड्री वॉल के निर्माण के दौरान सड़क पर पत्थरों के ढेर लगाए गए हैं, जिससे राहगीरों को गुजरने में दिक्कतें आ रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यहां पिछले कुछ हफ्तों में पत्थरों की वजह से कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि बाउंड्री वॉल के लिए पत्थरों को सड़क के किनारे लंबी कतारों में रखा गया है, जिससे सड़क संकरी हो गई है। इसके अलावा, पत्थरों के अवैध खनन पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रशासन ने बिना अनुमति इतने पत्थरों का खनन करवाया है, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।
मानकों की अनदेखी, धन के दुरुपयोग का शक:
निर्माण कार्य में डीपीसी (नमी रोधी परत) के लिए घटिया सामग्री का इस्तेमाल होने की भी शिकायत है। स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकार द्वारा जारी विकास धन का सही उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में सरपंच और पंचायत सचिव की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
प्रशासन से मांग:
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप करके पत्थरों को हटाने, हादसों की रोकथाम करने और अवैध खनन की जांच करने की गुहार लगाई है। साथ ही, विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
अंतिम पंक्ति:
“जनसुरक्षा और पारदर्शिता के लिए अर्थखेड़ा के मामले में त्वरित कार्रवाई जरूरी!”