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स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल! दमोह के पैथालॉजी सेंटर ओर स्वास्थ विभाग.

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Damoh’s healthcare is in crisis as illegal pathology labs operate unchecked. MP Samwad investigates the corruption behind fake medical reports.

MP Samwad: Damoh Pathology Scam Exposed

Uncovering the truth: How illegal pathology centers in Damoh are risking lives with fake reports and administrative negligence.

Exposing the Reality of Healthcare! Damoh’s Pathology Centers and the Health Department.

Illegal pathology centers in Damoh are operating without registration, untrained staff, and fake reports. Patients are misled with digital signatures, and hospitals manipulate reports for profit. The administration remains inactive despite clear violations. Is this negligence or corruption? MP Samwad investigates the truth behind Damoh’s healthcare crisis.

Special Correspondent, Damoh, MP Samwad.

मध्य प्रदेश के दमोह जिले में स्वास्थ्य सेवाएँ गहरे संकट में हैं। जिले में बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित पैथोलॉजी और कलेक्शन सेंटरों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन प्रशासन इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। सवाल यह उठता है कि यह केवल लापरवाही है या भ्रष्टाचार का एक संगठित खेल?

? बिना पंजीकरण के धड़ल्ले से चल रहे पैथोलॉजी सेंटर!

दमोह जिले में पंजीकृत चिकित्सा संस्थानों की संख्या लगभग 70 है, जिनमें 20 से अधिक पैथालॉजी लैब शामिल हैं। लेकिन गैरकानूनी पैथोलॉजी सेंटरों का एक पूरा नेटवर्क इन आंकड़ों को झुठला रहा है।

जांच में सामने आया कि कई पैथोलॉजी लैब और कलेक्शन सेंटर बिना क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट पंजीकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की NOC और बायो-वेस्ट मैनेजमेंट की मंजूरी के संचालित हो रहे हैं।

इन लैब्स में काम करने वाले तकनीशियन बिना किसी उचित प्रशिक्षण के टेस्ट कर रहे हैं। कई पैथोलॉजिस्ट, जो रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करते हैं, वास्तव में अन्य जिलों में नौकरी कर रहे हैं या किसी तीसरे शहर में निवास कर रहे हैं। कुछ मामलों में तो ऐसा भी पाया गया है कि डॉक्टर अपनी लैब में महीनों तक नहीं जाते और डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से रिपोर्ट जारी कर रहे है.

नियमों के अनुसार, CMHO कार्यालय को इनकी टेस्ट दरें, टेस्ट प्रकार, और कर्मियों की योग्यता की जाँच करनी चाहिए, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह से ठप पड़ी है।

? फर्जी रिपोर्ट और अस्पतालों की सांठगांठ!

दमोह जिले के लगभग सभी निजी अस्पतालों में से कुछ ही प्राइवेट अस्पतालों के संस्थान है जो नियम के दायरे में काम कर रहे है बाकी सभी अस्पताल अपना खुद का पैथोलॉजी सेंटर चला रहा है।

डिजिटल हस्ताक्षर और “ऑनलाइन सर्वर” के नाम पर मरीजों को गुमराह किया जा रहा है। कुछ मामलों में रिपोर्ट में जानबूझकर गड़बड़ी कर मरीजों को अतिरिक्त दिनों तक अस्पताल में रखा जाता है।

मुनाफे के लिए, पैथोलॉजी सेंटरों और झोलाछाप डॉक्टरों की मिलीभगत से अनावश्यक टेस्ट कराए जा रहे हैं। गलत रिपोर्ट के आधार पर मरीजों की इलाज की अवधि जबरन बढ़ाई जा रही है।

? प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल!

CMHO डॉ. मुकेश जैन ने बताया कि कलेक्टर साहब ने सभी BMO (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) को आदेश जारी किए हैं, कार्यवाही प्रस्तावित है।

पटेरा और हटा के BMO से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। डॉ अशोक ने जानकारी दी और पटेरा ब्लॉक में कार्यवाही की है.

DHO डॉ. विक्रांत से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल रिचार्ज न होने के कारण इनकमिंग सेवाएँ बंद थीं।

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