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MP में 14 साल में पहली बार ठंडा रहा नौतपा, गर्मी की जगह छाए बादल.

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Cold Nautapa 2025 – mpsamwad.com

For the first time in 14 years, Nautapa remained cool, with clouds replacing the heat.

Kamlesh, Editor Desk, Bhopal, MP Samwad.

For the first time in 14 years, Madhya Pradesh witnessed a cooler Nautapa. Average temperatures remained below normal, with frequent rains and cloudy skies replacing extreme heat. Meteorological experts attribute the change to low-pressure systems and active moisture-laden winds from the Arabian Sea and Bay of Bengal.

MP संवाद, भोपाल, मध्यप्रदेश में इस बार मौसम का मिजाज़ बदला हुआ नज़र आ रहा है। दरअसल, इस बार नौतपा ने पिछले 14 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बीते वर्षों की तुलना में इस बार का नौतपा सबसे ठंडा रहा। नौतपा के दौरान अधिकतम तापमान केवल 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बीते सालों की तुलना में सबसे कम है।

कब से कब तक रहा नौतपा?

भोपाल में इस साल का नौतपा सोमवार, 2 जून को समाप्त हुआ। 25 मई से 2 जून तक चलने वाले इन नौ दिनों में दिन का औसत अधिकतम तापमान सिर्फ 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा। सिर्फ एक दिन ऐसा रहा जब तापमान 40 डिग्री पार कर सका। नौतपा की विदाई आंधी और हल्की बौछारों के साथ हुई, जिससे गर्मी और उमस कम हो गई।

जहां आमतौर पर नौतपा के दौरान भीषण गर्मी और हीट वेव की चेतावनी जारी होती है, वहीं इस बार लगभग हर दिन 30 से 35 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया।

कैसा है एमपी का मौजूदा मौसम?

बीते 24 घंटों में प्रदेश के 11 जिलों में बारिश हुई। सतना और रतलाम में एक-एक इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन (मंगलवार से गुरुवार) के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान भोपाल सहित कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। हालांकि, रीवा, सीधी और खजुराहो में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच चुका है।

मौसम विशेषज्ञ की राय

मौसम विशेषज्ञ आलोक शर्मा के अनुसार, नौतपा के दौरान औसतन 7 दिन तक 8 घंटे बादल छाए रहे, यानी कुल 56 घंटे बादलों की उपस्थिति रही। सीबी क्लाउड बनने के कारण 9 दिनों में कुल 41 मिनट तेज आंधी चली।

ठंडे नौतपा के पीछे ये हैं कारण

  • अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र
  • नमी लाने वाली ट्रफ लाइन का लगातार सक्रिय रहना
  • पूर्वी और पश्चिमी हवाओं के टकराव से शियर ज़ोन का बनना
  • स्थानीय स्तर पर गरज-चमक वाले बादलों का विकास

इन सभी वजहों से आंधी और बारिश का दौर जारी रहा।

मध्यप्रदेश में कब आएगा मानसून?

मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद होने की संभावना है। फिलहाल मानसून महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में एक ही स्थान पर रुका हुआ है और आगे नहीं बढ़ पाया है। तब तक प्रदेशभर में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

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