शराब दुकान नीलामी में बुरहानपुर अव्वल, भोपाल को भी पछाड़ा – जानिए पूरी रिपोर्ट!
Burhanpur leads Madhya Pradesh in liquor shop revenue growth with a 34.2% increase, surpassing Bhopal, thanks to an innovative e-auction process.
Burhanpur’s liquor shop auction achieves historic 34.2% revenue growth, outpacing Bhopal. Excise department credits strategic e-auction for this success.
Burhanpur Tops Liquor Shop Auction, Surpasses Bhopal – Read the Full Report!
Special Correspondent, Bhopal, MP Samwad.
Burhanpur sets a new record in liquor shop auctions, securing the highest revenue growth of 34.2% in Madhya Pradesh. The innovative e-auction strategy led to intense competition, surpassing Bhopal’s 32% increase. Excise officials credit transparent policies and strategic bidding for this remarkable success.
मध्य प्रदेश में आबकारी विभाग (Excise Department) द्वारा इस साल अपनाई गई शराब दुकानों की नीलामी (Liquor Shop Auction) प्रक्रिया से 26% से अधिक राजस्व (Revenue) प्राप्त हो चुका है। वहीं, बुरहानपुर जिले में इस प्रक्रिया ने एक नई मिसाल कायम की है।
जिला आबकारी अधिकारी वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले की 44 दुकानें 14 समूहों में विभाजित थीं, जिनका वार्षिक मूल्य ₹115 करोड़ 71 लाख 33 हजार 326 था। इस साल शासन के निर्देशों के अनुसार, 20% वृद्धि कर ₹138 करोड़ 85 लाख 60 हजार का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
आबकारी विभाग के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस बार 34.2% अधिक राजस्व प्राप्त किया गया है।
कैसे मिली यह उपलब्धि?
नए वित्तीय वर्ष के लिए 44 शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई। 14 समूहों में से 6 समूहों ने री-न्यूअल (Renewal) के लिए आवेदन किया, जबकि 8 समूहों ने लॉटरी प्रक्रिया के तहत आवेदन प्रस्तुत किए।
हालांकि, इस प्रक्रिया में प्राप्त राजस्व निर्धारित लक्ष्य से 80% कम था। इसे देखते हुए, जिला समिति ने सभी 14 समूहों को मिलाकर एक ही समूह में ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के माध्यम से शराब दुकानों की नीलामी करने का निर्णय लिया। इस प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया, जिससे शराब ठेकेदारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ी।
सबसे ऊंचा प्रस्ताव और ऐतिहासिक राजस्व वृद्धि
इस नीलामी प्रक्रिया के तहत, जिले में एक समूह के लिए 9 टेंडर प्राप्त हुए। इनमें वर्ष 2024-25 के मुकाबले वर्ष 2025-26 के लिए ₹155 करोड़ 31 लाख का उच्चतम प्रस्ताव आया।
यह प्रस्ताव “शिवाबाबा फूट लिमिटेड” ने प्रस्तुत किया, जिसे जिला निष्पादन समिति ने स्वीकार कर लिया। यह 34.2% की राजस्व वृद्धि को दर्शाता है, जो कि पूरे प्रदेश में सबसे अधिक है।
भोपाल इस सूची में दूसरे स्थान पर है, जहां 32% अधिक राजस्व हासिल हुआ है।
बुरहानपुर के लिए बड़ी उपलब्धि
यह सफलता बुरहानपुर जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि इस प्रक्रिया से प्रदेश के आबकारी विभाग को अधिकतम राजस्व प्राप्त हुआ है।
आबकारी अधिकारी वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया कि इस सुधारित निष्पादन प्रक्रिया के माध्यम से जिले की आबकारी व्यवस्था और भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह की सकारात्मक वृद्धि जारी रहेगी।