टूटी सड़कों से उड़ रही मौत! भोपाल का AQI पहुँचा खतरे की सीमा पर.
Death Rising from Broken Roads! Bhopal’s AQI Reaches Dangerous Levels.
Special Correspondent, Bhopal, MP Samwad.
Bhopal’s air quality has worsened drastically in just six days, crossing the 100 AQI mark due to dust from broken roads and ongoing construction. The rainy season, typically cleaner, now brings pollution and danger to public health. Urgent administrative action is needed before the situation escalates.
MP संवाद, भोपाल। पिछले छह दिनों से शहर की वायु गुणवत्ता लगातार गिरावट पर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, भोपाल के तीनों वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों पर 13 जुलाई को AQI लगभग 40 था, जो 16 जुलाई को बढ़कर 75 और 19 जुलाई को 100 तक पहुंच गया।
मॉनसून की कम सक्रियता और क्षतिग्रस्त सड़कों से उड़ती धूल ने भोपाल को ‘धूल का गड्ढा’ बना दिया है। एक सप्ताह पहले जहां शहर की हवा ‘अच्छी’ श्रेणी में थी, वहीं अब यह ‘मध्यम’ के करीब पहुंच चुकी है।
शनिवार सुबह ईदगाह हिल्स का AQI 108, टीटी नगर का 100 और पर्यावरण परिसर का 92 रिकॉर्ड किया गया। एक सप्ताह पहले इन क्षेत्रों में AQI लगभग 40 के आसपास था।
प्रदूषण बढ़ने के प्रमुख कारणों में शामिल हैं:
- टूटी और उखड़ी हुई सड़कों से उड़ती धूल
- वाहनों की आवाजाही से बढ़ता धूलकण
- बारिश के बाद तेज़ी से शुरू हुई निर्माण गतिविधियाँ
अधिकारियों का मानना है कि बारिश से यातायात, बिजली और जलभराव की समस्याएं तो होती हैं, लेकिन वायु गुणवत्ता के लिए मॉनसून ‘संजीवनी’ का काम करता है। वर्षा वायुमंडल को साफ करती है और हवा में नमी के कारण धूलकण नीचे बैठ जाते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता सुधरती है।
अब ज़रूरत इस बात की है कि नगर निगम और पर्यावरण विभाग क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और खुले निर्माण स्थलों की निगरानी करें, ताकि बारिश के बाद का यह शुद्ध हवा वाला मौसम भी बिगड़ने न पाए।