प्रशासन की नींद और बालाघाट का डगमगाता पुल – कब होगा नया निर्माण?
WARNING: These images show how Balaghat’s crucial bridge could collapse any moment. 5000+ villagers’ lives depend on this crumbling structure. Will authorities act before it’s too late?
बालाघाट का संकटग्रस्त पुल: धंसते पिलर और गहरी दरारें जो बता रही हैं आने वाली तबाही
Administration Asleep While Balaghat’s Bridge Crumbles – When Will Reconstruction Begin?
Special Correspondent, Balaghat, MP Samwad.
बालाघाट पुल खतरा: सर्राटी नदी का जर्जर पुल 10+ गांवों को खतरे में डाल रहा! पिलर धंस रहे, दरारें बढ़ रहीं – प्रशासन सोया हुआ जबकि ग्रामीणों की जानें दांव पर। मानसून से पहले निर्माण की मांग!
BALAGHAT BRIDGE COLLAPSE ALERT: Crumbling Sarrati River bridge endangers 10+ villages. Pillars sinking, cracks widening – administration sleeps while locals risk lives daily. Immediate reconstruction demanded before monsoon disaster!
MP संवाद, बालाघाट। जिला मुख्यालय से महज 35 किलोमीटर दूर चिचगांव-नवेगांव मार्ग पर सर्राटी नदी का पुलिया अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। पुलिया के पिलरों के नीचे की मिट्टी धंसने लगी है और कई जगह गहरी दरारें आ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही ओवरलोड वाहनों पर रोक नहीं लगाई गई तो यह पुल कभी भी टूटकर बह सकता है।
क्यों है खतरनाक हालत?
- पुलिया के नीचे की मिट्टी लगातार धंस रही है।
- बारिश के मौसम में बाढ़ का खतरा, जिससे पूरा पुल बह सकता है।
- दरारें इतनी गहरी हो गई हैं कि छोटे वाहनों को भी जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है।
किसे होगी सबसे ज्यादा मुश्किल?
- चिचगांव, नवेगांव, सोनेवानी, खैरगोंडी समेत 10+ गांवों के लोगों का आना-जाना बंद हो जाएगा।
- स्कूली बच्चों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा।
- पर्यटकों का आवागमन प्रभावित होगा, जो इस रास्ते से जंगल और नदी का नजारा देखने आते हैं।
ग्रामीणों की मांग
स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से तत्काल नए पुल के निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि अगर अभी ध्यान नहीं दिया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।