झोलाछाप डॉक्टरों का आतंक: जिंदगियों से खिलवाड़, बालाघाट प्रशासन मौन!
Quack Doctors’ Reign of Terror: Playing With Lives, Balaghat Administration Remains Silent!
Sharad Dhaneshwar, Special Correspondent, Balaghat, MP Samwad.
Balaghat’s quack doctors endanger lives with fake treatments while authorities stay silent. Unqualified practitioners run illegal clinics, prescribing dangerous medications. Despite deaths, no action taken. MP Samwad exposes this health crisis threatening rural poor. Public warned against these ‘death shops’ operating under administration’s nose.
MP संवाद लालबर्रा – बालाघाट जिले के लालबर्रा, कंजई, भाण्डामुर्री और आसपास के इलाकों में झोलाछाप डॉक्टरों की मौत की दुकानें खुलेआम चल रही हैं। बिना किसी मान्यता प्राप्त डिग्री के ये फर्जी डॉक्टर गरीबों, मजदूरों और किसानों का शोषण कर रहे हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।
अनाप-शनाप इलाज, दुगुने दाम—मरीजों की जान खतरे में!
- मरीजों को बिना जाँच के गलत दवाइयाँ और इंजेक्शन थोपे जा रहे हैं।
- इलाज के नाम पर मनमाने ऊँचे दाम वसूले जाते हैं।
- अगर मरीज की हालत बिगड़ती है, तो ये पल्ला झाड़कर गायब हो जाते हैं।
- कई मासूमों की जान जा चुकी है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं!
कानून को मजाक बना रखा है!
- बालाघाट में कई अवैध क्लीनिक संचालित हो रहे हैं, जिनका कोई पंजीयन नहीं।
- कुछ डॉक्टरों के पास आयुर्वेदिक/होम्योपैथिक डिग्री है, लेकिन वे एलोपैथिक दवाएँ दे रहे हैं।
- सवाल: किसने दिया इन्हें आमजन की सेहत से खिलवाड़ करने का अधिकार?
पैथोलॉजी लैब भी कर रही धोखाधड़ी!
- नियमों को ताक पर रखकर कई लैब मनमाने टेस्ट करके मरीजों से पैसे ऐंठ रही हैं।
- स्वास्थ्य विभाग अनदेखी कर रहा है।
एमपी संवाद की खोज—पंजीकृत vs अवैध क्लीनिक!
- स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक, बालाघाट में केवल 63 क्लिनिक और 34 नर्सिंग होम/हॉस्पिटल ही पंजीकृत हैं।
- सवाल: फिर सैकड़ों अनाधिकृत क्लीनिक कैसे चल रहे हैं? क्या अधिकारियों की मिलीभगत है?
जनता से अपील: सावधान रहें!
अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य बीमार है, तो किसी झोलाछाप डॉक्टर के चक्कर में न पड़ें! अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल या पंजीकृत क्लिनिक में ही इलाज कराएँ।