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भ्रष्टाचार या विद्रोह? बालाघाट में सरकारी कर्मचारी की सनसनीखेज हरकत.

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Security breached at Balaghat Collectorate! Anonymous allegations of corruption emerge as a whistleblower pastes a notice at night, sparking an administrative crisis.

A masked individual secretly pasting a notice on Balaghat Collectorate’s office wall at night, exposing corruption allegations and highlighting security vulnerabilities

Security lapse at Balaghat Collectorate! An anonymous individual posts a corruption complaint at night, questioning administrative integrity and safety measures.

Corruption or Rebellion? Sensational Act of a Government Employee in Balaghat.

Special Correspondent, Balaghat/Bhopal, MP Samwad.

A Women and Child Welfare Department employee bypassed security at Balaghat Collectorate and posted a letter alleging corruption and irregularities. The employee, suspended thrice before, acted in violation of official orders. Authorities have taken the matter seriously, with the Collector directing strict action and a medical evaluation of the accused.

बालाघाट: जिले के कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य द्वार पर एक सूचना पट्ट साफ निर्देश देता है कि “कार्यालयीन समय के बाद परिसर में घूमना-फिरना वर्जित है।” बावजूद इसके, महिला एवं बाल विकास विभाग (Women and Child Welfare Department) के एक कर्मचारी ने इस आदेश की अनदेखी कर रात करीब 8 से 8:15 बजे के बीच कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश कर लिया।

कलेक्टर मृणाल मीना और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के कमरों के बाहर एक पत्र चस्पा कर दिया गया, जिसमें विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था।

तीन बार निलंबित हो चुका है आरोपी कर्मचारी

विभागीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी कर्मचारी खिलेश डहाटे को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी, लेकिन अपने कार्यकाल में वह तीन बार निलंबित हो चुका है।

  • पहले महिला एवं बाल विकास विभाग (बालाघाट कलेक्ट्रेट) में कार्यरत था।
  • कंप्यूटर की हार्ड डिस्क चोरी करने के आरोप में 8 महीने के लिए निलंबित किया गया था।
  • हाल ही में लांजी में पदस्थापित किया गया था।
  • चार साल पहले फर्जी हस्ताक्षर करने के कारण भी उसे निलंबित किया गया था।

कलेक्टर ने दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश

महिला दिवस के दिन हुई सुरक्षा में इस बड़ी चूक से कलेक्टर मृणाल मीना ने नाराजगी जताई और विभाग को आरोपी कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

नक्सलियों जैसी हरकत – विभागीय अधिकारी

महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रभारी अधिकारी दीपमाला सोलंकी ने इस घटना को नक्सलियों जैसी हरकत बताया। उन्होंने कहा कि –
“रात के प्रतिबंधित समय में कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश कर, मुंह पर गमछा ढककर दीवारों और दरवाजों पर पत्र चस्पा करना गंभीर कृत्य है। यह आरोपी की मानसिक अस्थिरता को दर्शाता है।”

पत्र में गंभीर आरोप

चस्पा किए गए पत्र में विभागीय भ्रष्टाचार के कई मामलों का जिक्र किया गया, जिनमें शामिल हैं:
✔ किसी कर्मचारी को अनैतिक रूप से अटैच करना
✔ विभागीय कार्यशालाओं के फर्जी बिल बनाना
पोषण आहार के बिल में अनियमितताएं
✔ महिला एवं बाल विकास विभाग के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप

विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी पर कठोर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। उसकी मानसिक स्थिति की जांच भी कराई जाएगी।

? क्या बालाघाट प्रशासन इस भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच करेगा?
? क्या आरोपी कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई होगी?

बने रहिए MP संवाद के साथ ताज़ा अपडेट्स के लिए!

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