उम्मीद, उपचार और नई जिंदगी—बालाघाट से 15 बच्चों के लिए बड़ी पहल.
Hope, Treatment and a New Life: A Major Initiative for 15 Children from Balaghat.

Special Correspondent, Sudheer Tamrakar, Balaghat, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, बालाघाट। Balaghat में स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशील पहल ने एक बार फिर गंभीर हृदय रोग से जूझ रहे बच्चों और उनके परिवारों को नई उम्मीद दी है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से 15 बच्चों को विशेषज्ञ उपचार और सर्जरी के लिए Jabalpur तथा Mumbai रवाना किया गया।
यह पूरी कार्यवाही कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
विशेष हृदय रोग शिविर में 34 बच्चों की पहचान
सीएमएचओ डॉ. परेश उपलप ने बताया कि 2 मई को बैहर और 8 मई को जिला चिकित्सालय बालाघाट स्थित District Early Intervention Centre (DEIC) में विशेष हृदय रोग शिविर आयोजित किए गए।
विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच के दौरान 34 बच्चों को सर्जरी और विशेष उपचार के लिए चिन्हित किया गया।
14 बच्चे जबलपुर, एक गंभीर मरीज मुंबई भेजा गया
चयनित बच्चों में से 14 बच्चों को उपचार एवं सर्जरी के लिए जबलपुर भेजा गया, जबकि एक गंभीर रूप से पीड़ित बच्चे को उन्नत उपचार हेतु Narayana Hrudayalaya, मुंबई रेफर किया गया।
आयुष्मान और मुख्यमंत्री योजना से पूरी तरह मुफ्त इलाज
सबसे राहत की बात यह है कि सभी बच्चों का उपचार पूरी तरह निःशुल्क कराया जाएगा।
- 10 बच्चों का इलाज Ayushman Bharat Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana के अंतर्गत होगा।
- 5 बच्चों का उपचार Mukhyamantri Bal Hriday Upchar Yojana के तहत कराया जाएगा।
इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
डीईआईसी केंद्र में दिए गए स्वीकृति पत्र
सिविल सर्जन एवं मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. निलय जैन ने बताया कि सभी बच्चों और उनके परिजनों को सुबह 10 बजे डीईआईसी केंद्र में बुलाया गया, जहां उन्हें स्वीकृति पत्र सौंपे गए और उपचार से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई।
इस दौरान जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक राजाराम चक्रवर्ती सहित डीईआईसी का पूरा स्टाफ उपस्थित रहा।
संवेदनशील प्रशासन बना नन्हे दिलों की उम्मीद
अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने बच्चों और उनके परिजनों को भरोसा दिलाया कि उपचार के दौरान हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
यह पहल केवल चिकित्सा व्यवस्था नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए आशा की नई किरण है जो गंभीर बीमारी और आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे थे। संवेदनशील प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं के समन्वित प्रयास ने 15 नन्हे दिलों को नई जिंदगी की उम्मीद दी है।